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अनुसंधान अधिकारी सोनगरा ने किया सेमुमा व राजेंद्र मार्ग विद्यालय का निरीक्षण

- सेमुमा को बताया राज्य का मॉडल विद्यालय - प्रखर एप, लाडो योजना, व्यावसायिक शिक्षा और स्वच्छता पर दिया विशेष जोर - 3200 से अधिक नामांकन पर जताई प्रसन्नता

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Research Officer Songara inspected Semuma and Rajendra Marg School.

Research Officer Songara inspected Semuma and Rajendra Marg School.

प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा आयोजना विभाग की अनुसंधान अधिकारी मीना सोनगरा ने शनिवार को भीलवाड़ा के सबसे बड़े विद्यालय सेमुमा बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय और राजेंद्र मार्ग विद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और नवाचारों का अवलोकन किया।

विभागीय योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचे

निरीक्षण के दौरान सोनगरा ने कहा कि शिक्षा विभाग की योजनाओं की जानकारी समाज के हर वर्ग तक पहुंचनी चाहिए, ताकि जरूरतमंद छात्र-छात्राएं सरकारी सुविधाओं का लाभ ले सकें और नियमित रूप से अध्ययन जारी रख सकें। उन्होंने विद्यालयों में “लाडो योजना”, एफएलएन (फाउंडेशन लिटरेसी एंड न्यूमेरसी), एबीएल किट, आईसीटी लैब और प्रखर एप के उपयोग की सराहना की तथा कहा कि इन संसाधनों से गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।

गृहकार्य और शिक्षण व्यवस्था संतोषजनक

राजेंद्र मार्ग विद्यालय के निरीक्षण के दौरान सोनगरा ने प्रारंभिक कक्षाओं का अवलोकन किया। उन्होंने पाया कि गृहकार्य व्यवस्थित रूप से जांचा गया है और बच्चों को उचित मात्रा में कार्य दिया जा रहा है। उन्होंने प्रखर एप के प्रभावी उपयोग पर भी बल दिया और कहा कि शिक्षक इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग कर शिक्षण की गुणवत्ता को और बेहतर बनाएं।

सेमुमा विद्यालय राज्य का मॉडल संस्थान

निरीक्षण के बाद सोनगरा ने कहा कि सेमुमा बालिका विद्यालय और राजेंद्र मार्ग विद्यालय की व्यवस्थाएं अत्यंत स्तरीय हैं और ये किसी भी निजी विद्यालय से कम नहीं हैं। उन्होंने बताया कि सेमुमा विद्यालय में 3200 से अधिक छात्राओं का नामांकन होना विभाग के लिए गर्व की बात है। विद्यालय के शैक्षणिक परिणाम, खेलकूद और सह-पाठयक्रम गतिविधियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि ये विद्यालय राज्य के लिए “मॉडल विद्यालय” के रूप में उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं।

प्रखर एप का किया प्रत्यक्ष अवलोकन

राजेंद्र मार्ग विद्यालय में निरीक्षण के दौरान सोनगरा ने एक अध्यापिका से प्रखर एप चलवाकर उसका डेमो देखा। उन्होंने एप के माध्यम से पढ़ाई की प्रक्रिया को समझा और कहा कि अध्यापिकाओं का कार्य सराहनीय और अनुकरणीय है। उन्होंने शिक्षकों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि टेक्नोलॉजी आधारित शिक्षा से बच्चों में सीखने की रुचि और समझ दोनों बढ़ती हैं।

स्वच्छता और नामांकन पर संतोष

सोनगरा ने विद्यालयों की स्वच्छता व्यवस्था, वेबसाइट संचालन, अटल ट्रैकिंग लैब और सुव्यवस्थित कक्षा प्रबंधन पर संतोष व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने प्राथमिक कक्षाओं में नामांकन बढ़ाने पर जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान ये रहे उपस्थित

निरीक्षण के दौरान एडीपीसी समसा डॉ. कल्पना शर्मा, सीबीईओ सुवाणा डॉ. रामेश्वर जीनगर, प्रधानाचार्य सुशीला विश्नोई, राजेंद्र गहलोत, राजेश शर्मा, दिनेश शर्मा सहित विद्यालय का पूरा स्टाफ मौजूद रहा।