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कोरोना एंट्री पर शोध, सर्किट हाउस बना केंद्र

देश में कोरोनाजोन बन चुके भीलवाड़ा का सर्किट हाउस खास जगह बना हुआ है। यहां कोरोनो की भीलवाड़ा में एंट्री का पता लगाया जा रहा है।

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Research on corona entry, center became circuit house in bhilwara

Research on corona entry, center became circuit house in bhilwara

सुरेश जैन/भीलवाड़ा। देश में कोरोनाजोन बन चुके भीलवाड़ा का सर्किट हाउस खास जगह बना हुआ है। यहां कोरोनो की भीलवाड़ा में एंट्री का पता लगाया जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय व चिकित्सा विभाग के अधिकारी डेरा डाले हैं। ये भीलवाड़ा में कोरोना का कहर रोकने तथा एंट्री पता लगाने में जुटे हैं। बढ़ते पॉजिटिव केसों को लेकर उच्च अधिकारी नामी चिकित्सा संस्थान व एम्स के डॉक्टरों के सम्पर्क में है। वे वीडियो कॉलिंग से कोरोना पर काबू पाने के तरीकों पर चर्चा कर रहे हैं। एक दूसरे से अनुभव साझा कर रहे हैं।

50 अधिकारी, 18 घंटे तक काम
सर्किट हाउस में फिलहाल 50 से अधिक अधिकारी ठहरे हैं। सर्किट हाउस को कंट्रोल रूम बना रखा है। सर्किट हाउस से मुख्यमंत्री तक जानकारी दी जा रही है। कई वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी 15 से 18 घंटे काम कर रहे है। कोरोना पॉजिटिव सामने आते ही आरआरटी रोगी से गहन पूछताछ करती है। रोगी का मोहल्ला चिन्हित किया जाता है। रोगी के आधार पर दो जोन बना रखे है। अधिकारियों की माने तो कोरोना की शुरुआत बृजेश बांगड़ मेमोरियल हॉस्पिटल से हुई है। पहले सामने आए चार रोगियों की हिस्ट्री पर टीम मंथन कर रही है। उनके परिजन तथा कौन कब बाहर गया या कौन आया, पता किया जा रहा है। सचिवालय की तर्ज पर सर्किट हाउस को स्टेट कार्यालय का दर्जा दे रखा है।


-लॉकडाउन में सावधानी रखें। कोरोना चेन तोडऩे को घर से न निकले। तभी छुटकारा मिलेगा अन्यथा चेन आगे बढ़ती जाएगी।
-डॉ. रोमिलसिंह, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी एवं भीलवाड़ा प्रभारी कोरोना सर्विलेंस

-भीलवाड़ा में लगातार रोगी बढ़ रहे है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है। किसी तरह की शिकायत या कोरोना के लक्षण नजर आने पर तुरंत डाक्टर को बताएं, इसे छिपाएं नहीं। छुपाने से कोरोना बढ़ेगा।
-डॉ. अखिलेश नारायण माथुर, अतिरिक्त निदेशक चिकित्सा प्रशासन

कोरोना रोगी की सूचना मिलने पर उदयपुर की आरआरटी मौके पर जाती है। रोगी से गहन पूछताछ कर हिस्ट्री ली जा रही है ताकि सही उपचार हो सके। ऐसे में कोई भी रोगी डॉक्टर से कुछ न छुपाए।
-डॉ. बीएल मेघवाल, शिशु रोग विशेषज्ञ एवं प्रभारी आरआरटी उदयपुर

कोरोना रोगी के सामने आने पर ही नियंत्रण पाया जा सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रदेशों की टीम के साथ मिलकर काम कर रहा है। कोरोना कैसे आया, पता लगाया जा रहा है।
डॉ. राकेश विश्वकर्मा, विश्व स्वास्थ्य संगठन, राजस्थान प्रभारी

हमारी टीम हर गतिविधि पर नजर रखे है। भीलवाड़ा पर पूरे देश की निगाह है। हर रोगी के परिवार की पूरी जानकारी लेकर रिपोर्ट आगे पहुंचाई जा रही है।
डॉ. राजेश गुप्ता, सर्विलेंस मेडिकल अधिकारी, विश्व स्वास्थ्य संगठन

राज्य सरकार व चिकित्सा विभाग की गाइडलाइन के आधार रोगियों की जांच व स्क्रीनिंग कर रहे हैं। इसके लिए प्रदेशभर से आए डॉक्टर सर्किट हाउस में डेरा डाले हैं।
डॉ. सीपी गोस्वामी, जिला आरसीएचओ