8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

ब्लैक फंगस का खतरा बढ़ा तो बाजार से जरूरी दवा भी गायब

सरकार ने इसे महामारी घोषित किया, प्रतिदिन तैयार होगी रिपोर्ट
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भीलवाड़ा

•

image

Suresh Jain

•

Updated: 20 May 2021, 9:09 AM IST

ब्लैक फंगस का खतरा बढ़ा तो बाजार से जरूरी दवा भी गायब

ब्लैक फंगस का खतरा बढ़ा तो बाजार से जरूरी दवा भी गायब

भीलवाड़ा।
म्यूकोरमायकोसिस यानी ब्लैक फंगस का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। जिले में दो दिन में पांच नए रोगी सामने आए है। बाजार में इसकी दवाइयां भी गायब हैं। सरकार ने बुधवार को ब्लैक फंगस को महामारी घोषित कर दिया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव अखिल अरोड़ा ने मरीजों की संख्या में निरन्तर वृद्धि और कोरोना के साइड इफेक्ट के रूप में सामने आने तथा ब्लैक फंगस व कोविड का एकीकृत व समन्वित रूप से उपचार किए जाने के चलते इसे महामारी तथा नोटिफ ाएबल बीमारी घोषित कर दी है। चिकित्सा विभाग को अब इसकी प्रत्येक मरीज की रिपोर्ट बनानी होगी।
चिकित्सा विभाग के अनुसार अब तक ब्लैक फंगस के १० से अधिक मामले सामने आ चुके है। इनमें पांच मामले संदिग्ध माने जा रहे है। जबकि एक दर्जन मरीज पहले ही जयपुर में उपचार करवा रहे है। दो जनों की मौत हो चुकी है तथा एक की आंख की रोशनी चली गई है। एमजीएच के डॉक्टरों के अनुसार क्लिनिकली टेस्ट सहित अन्य जांचों जिनमें एमआरआई, केओएच माउंट जिसमें पोटेशियम हाइड्रोक्साइड से जांच कर ये पुष्टि की जा रही है कि ये ब्लैक फंगस है या नहीं। जानकारी के अनुसार अब तक सात मरीजों में इसकी पुष्टि हो चुकी है। कई मरीज निजी चिकित्सालय में भी भर्ती हैं।
हयूमिडिफायर बोटल में डालने लगे स्टरलाइज पानी
एमजीएच अधीक्षक डॉ. अरुण गौड़ ने बताया कि हयूमिडिफायर बोटल का पानी २४ घंटे में बदल रहे है। संक्रमण से बचने के लिए ऑक्सीजन मास्क हयूमिडिफायर को स्टरलाइज कर रहे है। ऑक्सीजन लाइन या सिलेंडर जिससे बोतल जुड़ी हुई होती है। उसमें फंगस का खतरा अधिक रहता है। बारिश या नमी वाली स्थिति में फंगस का खतरा ज्यादा रहता है। इसके कारण बोतल में स्टरलाइज या डिस्टिल वाटर डाला जा रहा है।ऑक्सीजन जेसे ही निकलती है, तो हयूमिडिफायर ऑक्सीजन के लिए उसे पानी के बीच से निकाला जाता है। पानी खराब हो तो फंगस का खतरा रहता है, जो केनुला के माध्यम से शरीर में चला जाता है। इससे आंख व नाक में संक्रमण हो जाता है।
बाजार से दवाए गायब
ब्लैक फंगस के उपाचर के लिए एम्फोटेरेसिन बी, लाइफोसोमल इंजेक्शन दिया जाता है। जिसकी कीमत सात हजार है। पोसाकोनाजोल टेबलेट ४०० रुपए की एक गोली तथा एम्फोटेरेसिन प्लेन इंजेक्शन जिसकी कीमत ३०० रुपए है वह नहीं मिल रहे है।