
सुभाषनगर थाना पुलिस ने एक ऐेसे गिरोह को पकड़ा है, जो देश के कई हिस्सों में नकबजनी सहित अन्य अपराधों को अंजाम दे चुका है। प्रारंभिक पूछताछ में इस गिरोह ने 125 से ज्यादा नकबजनी की वारदातों को अंजाम देकर करीब दो करोड़ रुपए के माल पर हाथ साफ करना कबूल किया है।
भीलवाड़ा।
सुभाषनगर थाना पुलिस ने एक ऐेसे गिरोह को पकड़ा है, जो देश के कई हिस्सों में नकबजनी सहित अन्य अपराधों को अंजाम दे चुका है। प्रारंभिक पूछताछ में इस गिरोह ने 125 से ज्यादा नकबजनी की वारदातों को अंजाम देकर करीब दो करोड़ रुपए के माल पर हाथ साफ करना कबूल किया है। पुलिस ने इस गिरोह को एक पेट्रोल पंप पर डकैती की योजना बनाते धर दबोचा ।
एसपी प्रदीप मोहन शर्मा ने बताया कि सुभाषनगर पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग गुलाब पेट्रोल पंप पर डकैती की योजना बना रहे हैं। पुलिस कुवाड़ा खान के पास पेट्रोल पंप क्षेत्र में पहुंची, जहां एक लग्जरी जीप खड़ी मिली व झाडिय़ों में कुछ व्यक्ति आपस में बातचीत करते सुनाई दिए। थानाप्रभारी प्रमोद शर्मा ने घेराबंदी कर सात लोगों को पकड़ लिया। सभी सात आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। टीम का नेतृत्व एएसपी पारस जैन, डीएसपी सदर पर्वत सिंह ने किया। इसमें सुभाषनगर थाना प्रभारी प्रमोद शर्मा, एएसआई रामेश्वर, सत्यनारायण, दीपक,मोती, नरेश, लोकेश, समुद्र, शंकर, रवींद्र आदि शामिल हैं। शर्मा ने कहा कि इस टीम को पुरस्कृत करने के लिए प्रस्ताव रेंज आईजी को भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि गिरोह पर बेगूं, बूंदी सदर, पारसोली व बनेड़ा थाने में मुकदमें दर्ज हैं।
पुलिस ने इस मामले में प्रकाश पुत्र नरसिंह कंजर, रतन पुत्र नरसिंह कंजर, अशोक उर्फ कमलेश पुत्र विष्णु बिसनिया मेघनिवास, पीउलाल पुत्र संपत कंजर, महेंद्र पुत्र भंवरिया कंजर, राजेंद्र पुत्र किशन कंजर निवासी मेघनिवास, गोपाल पुत्र महेशचंद्र वैष्णव जयनगर रोड़, बेगूं थाने के पास को गिरफ्तार किया तथा इनके पास से एक देसी पिस्टल, चार जिंदा कारतूस, तलवार, गुप्ती, चाकू, दो डंडे, मिर्च पाउडर, रस्सी आदि हथियार इस गिरोह से पुलिस ने बरामद किए। इन हथियारों का उपयोग पंप पर डकैती डालने के दौरान किया जाना था।
इन वारदातों को दिया अंजाम
भीलवाड़ा में 23, अजमेर में 40,पाली में 4, टोंक में 6, जयपुर में 7, कोटा व राजसमंद में एक-एक वारदात सहित 125 वारदातें कबूल की है। इनमें भीलवाड़ा जिले के सांगानेर, मकान व डेयरी, ढिकोला, बनेड़ा, गुलाबपुरा में शाहपुरा रोड़ पर एक गांव, रायला के पास, कंवलियास के पास, बनेड़ा, पंडेर के पास तीन, सहाड़ा, पोटलां, भूणास दो, ब्राह्मणों की सरेड़ी, रायला के ईरांस, हरीपुरा चौराहे के पास, कंवलियास दो, बरुंदनी, आरजिया के पास, अगरपुरा, मांडलगढ़, भिछौर, बरुंदनी से नकदी, सोने-चांदी के गहने और अन्य सामान चुराना कबूल किया।
यूं करते वारदात
पुलिस के अनुसार, यह अंतरराज्यीय गिरोह रात्रि में अपने डेरों से निकलता और बोलेरो से रवाना होता। इनके साथ 6 से 7 सदस्य होते। ये, हाइवे से सटे गांवों तक पहुंचते। जहां ड्राइवर को हाइवे पर मंदिर , पेट्रोल पंप या ढाबे के पास खड़ा कर देते। गिरोह गांव में पहुंचता और सूना मकान में टामी से अंट लगाकर ताले तोड़कर वारदात करता। दो व्यक्ति बाहर निगरानी में रहते, जबकि शेष मकान में जाकर नकदी व गहने चुरा लेते। बाहर रहने वाले लोग इनको जाग होने पर सजग करते। कई बार ग्रामीणों ने पीछा भी किया, लेकिन ये गिरोह पत्थर फेंकता हुआ भाग निकला। बाद में ड्राइवर को फोन कर बुलाते और बोलेरो में बैठकर डेरों को लौट जाते थे। वारदात के दौरान जब चालक हाइवे पर खड़ा रहता और कभी पुलिस पहुंचती तो वह पार्टी लेकर आने की बात कहता और यह कहकर गुमराह करता कि नींद आने से गाड़ी को यहां रोक कर विश्राम कर रहा हूं। इसके चलते पुलिस भी शंका नहीं करती।
नए नंबर से करते फोन
पकड़ा गया गिरोह के सदस्य काफी शातिर है। पकड़े जाने के डर से ये मोबाइल के अपने नंबरों का इस्तेमाल वारदात के दौरान कभी नहीं करते थे । ये हमेशा नए नंबरों से फोन करते थे ताकि पुलिस से बच सके।
Updated on:
12 Feb 2018 08:18 pm
Published on:
12 Feb 2018 07:57 pm
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