
पंचायत से अतिक्रमण नहीं हटाए तो सरपंचों पर होगी कार्रवाई
ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत भूमि पर अतिक्रमण को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रूप अख्तियार किया है। सरकार ने सरपंचों को अतिक्रमण हटाने के लिए पंचायती राज कानून से मिली शक्तियों का इस्तेमाल करने को कहा है। साथ ही चेताया कि पंचायत से अतिक्रमण नहीं हटाने पर सरपंचों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अभी सरपंचों के सियासी वजह से कार्रवाई से परहेज करने की शिकायतें मिल रही थी।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती विभाग के शासन सचिव रवि जैन ने आदेश में कहा कि पंचायतों के स्वामित्व की आबादी व खातेदारी भूमि पर कुछ लोग अतिक्रमण कर रहे हैं। पंचायत इन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं करती। अब सरपंच ने कार्रवाई नहीं की तो उस पर कार्रवाई होगी।
आदेश का मजमून
आदेश के अनुसार, पंचायत की सार्वजनिक भूमियों पर अतिक्रमण का पता लगाने के लिए हर जनवरी और जुलाई में आबादी, तालाब-तल और चरागाह भूमि पर अतिक्रमण का सर्वे कराएं। इसके लिए तीन पंचों की समिति बनेगी। पंचायत आबादी क्षेत्र में ऐसे अतिक्रमण का ब्योरा प्रकृति के साथ ग्राम विकास अधिकारी रजिस्टर में दर्ज करेगा। सरपंच आबादी क्षेत्र से अतिक्रमियों को भूमि से बेदखली के नोटिस देगा। पंचायत या सदस्य या सचिव के ध्यान में लाएगा कि क्षेत्र में अतिक्रमण हो रहा है। सरपंच तुरंत अतिक्रमण रोकेगा अन्यथा उसके खर्चे व हर्जाने पर अतिक्रमण हटाया जाएगा। तिथि तय कर सुनवाई का अवसर देने के बाद उचित आदेश पारित करेगा।
ये कर सकते हैं सरपंच
-यदि पंचायत की राय हो कि ऐसे अतिक्रमी का विनियमन करने से नियम-146 में उल्लेखित शर्तों का अतिक्रमण नहीं होगा तो अतिक्रमी को बाजार कीमत पर भूमि आवंटित कर सकेंगे।
-चरागाह या तालाब तल पर अतिक्रमण के मामलों की लिखित रिपोर्ट तहसीलदार को दी जाए। ऐसे मामले रजिस्टर में अंकित करने के साथ उसे बेदखली की कार्रवाई की जाए।
-पंचायत अपनी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए क्षेत्र के उपखण्ड मजिस्ट्रेट के जरिए पुलिस की सहायता ले सकती है।
-पंचायत सुनिश्चित करें कि तहसीलदार ने चरागाह के अतिक्रमी पर रोपित शास्तियों की राशि पंचायत निधि में जमा कराई या नहीं। अवहेलना होने पर संबंधित सरपंच या ग्राम विकास अधिकारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
भीलवाड़ा व शाहपुरा की स्थिति
भीलवाड़ा व शाहपुरा जिले में चरागाह भूमि पर अतिक्रमण के सैकड़ों मामले हैं।जन सुनवाई में कुछ मामले ही सामने आए हैं। रायला तालाब पर अतिक्रमण कर प्लाॅट काटने व सड़क बनाने के मामले में एनजीटी ने सरपंच व उसके पति पर दो करोड़ जुर्माना लगाया है।
तहसीलदार से लेंगे जानकारी
चरागाह से अतिक्रमण हटाने व 90 ए की कार्रवाई तहसीलदार करते हैं। जुर्माना लगाकर राशि पंचायतों को जमा कराते हैं। इस तरह के मामले तहसीलदार स्तर के हैं। ऐसे मामलों की जानकारी तहसीलदारों से लेंगे।-मोहनलाल खटनावलिया, सीईओ जिला परिषद भीलवाड़ा
Published on:
17 Feb 2024 09:19 am
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