भीलवाडा. मुनि आदित्य सागर महाराज ससंघ का वस्त्रनगरी में बुधवार सुबह जुलूस के साथ प्रवेश हुआ। मुनि के स्वागत के लिए श्रद्धालु सुबह से रेलवे फाटक पर जुटने लगे। जुलूस शुरू होते ही श्रद्धालुओं के जयकारों से शहर गूंज उठा। जुलूस स्टेशन से रवाना हुआ। विभिन्न मार्गों से होते हुए आरके कॉलोनी के आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर पहुंचा। दर्शन के बाद धर्मसभा में बदल गया।
मुनि ने वर्ष 2015 में आचार्य विशुद्ध सागर महाराज के साथ भीलवाड़ा में चातुर्मास किया था। जुलूस में 13 प्रांतों संस्कृति की झलक दिखी। आदित्य सागर के साथ मुनि अप्रमित सागर व मुनि सहज सागर भी थे। बैंड की धुन पर जैन भजन गूंजे। महिला बैंड ने भी मनमोहक प्रस्तुति दी। पंजाब बैंड करतब दिखाते मुनि संघ के आगे चल रहा था। विभिन्न मंदिरों के अध्यक्ष, मंत्री सदस्य, आदिनाथ नवयुवक मंडल, महिला मंडल, जैन पाठशाला के बच्चे, युवा मंडल, जैन सोशल ग्रुप सहित अनेक संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए। जूलुस की व्यवस्था दिनेश बज, दिलीप अजमेरा, निलेश छाबडा, राकेश पंचोली, खेमराज कोठारी, राजकुमार सेठी आदि थे।
रेलवे स्टेशन पर सकल दिगम्बर समाज ने महाराज की अगवानी की। सांसद सुभाष बहेड़िया, कांग्रेस नेता अनिल डांगी, नरेश गोधा, सोहन लाल गंगवाल, राकेश पाटनी, प्रवीण चौधरी, जयकुमार पाटनी, भैरुलाल बडजात्या, अशोक जैन, सुरेन्द्र छाबडा ने पाद प्रक्षालन किया।
संस्कृति के साथ सजे रंग
राजीव गांधी चौराहे पर एनसी जैन, उमरावमल गदिया, मिश्रीलाल अग्रवाल, अशोक सोनी, भागचन्द कासलीवाल, महावीर सेठी, सुरेन्द्र शाह, कैलाश सोनी ने महाराज की आरती की। महिला मंडल ने मंगल कलश से स्वागत किया। मंदिर पहुंचने पर बालकों ने सफेद गुब्बारे आसमान में छोड़े। महिला मण्डल विभिन्न प्रान्तों की वेशभूषा में मुनि संघ की अगवानी की। महिलाओं ने बंगाली, कश्मीरी, मराठी, राजपूतानी रजवाडी, बीहू, साउथ इंडिया, गुजराती, हरियाणा, भरतनाट्यम, घूमर, पंजाबी, मयूर नृत्य आदि किए अंकित जैन जुलूस के आगे लाइव रंगोली बनाई। संस्कार पाठशाला के बच्चों ने मुनि के गृहस्थ जीवन से दीक्षा तक की क्रिया को झांकी के रूप में दिखाया। मुनि के केश लोचन, प्रवचन, सामायिक, आहार चर्या की झांकी खास थी।