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हिंद की चादर श्रीगुरु तेग बहादुर को नमन: 350वां शहीदी दिवस मनाया

- खालसा सेवा संस्थान ने सूचना केंद्र चौराहे पर राहगीरों को पिलाई गर्म दूध की सेवा - फ्लेक्स बोर्ड पर दर्शाया गुरु का बलिदान

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Salute to Sri Guru Tegh Bahadur, the shield of India: 350th Martyrdom Day observed

Salute to Sri Guru Tegh Bahadur, the shield of India: 350th Martyrdom Day observed

हिंद की चादर श्रीगुरु तेग बहादुर का 350वां शहीदी दिवस मंगलवार को भीलवाड़ा में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और सेवाभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर खालसा सेवा संस्थान की ओर से सूचना केंद्र चौराहे पर विशेष सेवा कार्य का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में स्थानीय संगत और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

धर्म की रक्षा के लिए दिया सर्वोच्च बलिदान

संस्थान के सचिव पवनीत सिंह छाबड़ा ने बताया कि विश्वभर में सिख संगत इस शहादत दिवस को सेवा और सिमरन (स्मरण) करके मनाती है। इसी क्रम में भीलवाड़ा में खालसा सेवा संस्थान ने राहगीरों और आमजन के लिए गर्म दूध की सेवा का आयोजन किया। शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में सूचना केंद्र चौराहे पर फ्लेक्स बोर्ड भी लगाए गए। इन बोर्डों पर श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के महान शहीदी इतिहास का वर्णन किया गया था।

बलिदान का इतिहास

हिंदुस्तान में जब क्रूर मुगल शासक औरंगजेब जबरन धर्म परिवर्तन करा रहा था, तब सन् 1675 में हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए श्री गुरु तेग बहादुर ने दिल्ली के चांदनी चौक में अपनी शहादत दी थी। उनकी शहादत की याद में आज भी दिल्ली में गुरुद्वारा शीशगंज साहिब सुशोभित है। गुरु तेग बहादुर साहिब के साथ उनके प्यारे सिख भाई सतीदास, भाई मतिदास, और भाई दयाला को भी असहनीय यातनाएं देकर शहीद किया गया था। इन्हें इस मौके पर श्रद्धापूर्वक याद किया गया। भीलवाड़ा में आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय संगत, सामाजिक कार्यकर्ताओं सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित थे, जिन्होंने गुरु साहिब को श्रद्धासुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।