
वीरों की शौर्य गाथा जानेंगे स्कूली बच्चे
सरकारी स्कूली बच्चों में देशभक्ति का जुनून जगाने और उनमें नागरिक मूल्यों को स्थापित करने के लिए उन्हें देश के वीरों की शौर्य गाथा से परिचित कराया जाएगा। इसके लिए विद्यार्थियों को वीरों की उपलब्धियों को कविता, निबंध तथा चित्रों के माध्यम से समझाना होगा। प्रथम आने पर उसे राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित भी किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग ने वीर गाथा प्रोजेक्ट 3.0 शुरू किया है।
इस प्रोजेक्ट के तहत शौर्य पुरस्कार प्राप्त वीरों की जीवनी पर आधारित चित्रकला, कविता, निबंध जैसी गतिविधियों का आयोजन विद्यालयों में किया जाएगा। 15 सितंबर तक स्कूल स्तर पर गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। चार वर्गों में प्रविष्टियां जमा होंगी। अर्थात चार प्रविष्टियां पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी।
विजेताओं का होगा अभिनंदन
विजेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा मंत्रालय एवं रक्षा मंत्रालय की ओर से संयुक्त रूप से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर पर प्रत्येक विजेता को 10 हजार रुपए नगद पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा राज्य, केन्द्र शासित प्रदेश एवं जिला स्तर के सभी विजेताओं को सम्बंधित राज्य, केन्द्र शासित प्रदेश और जिले की ओर से सम्मानित किया जाएगा।
इन श्रेणियों में जमा करानी होगी प्रविष्टियां
श्रेणी-एक- कक्षा 3 से 5 तक 1 प्रविष्टि
श्रेणी-दो- कक्षा 6 से 8 तक 1 प्रविष्टि
श्रेणी - तीन- कक्षा 9 से 10 तक 1 प्रविष्टि
श्रेणी-चार- कक्षा-11 से 12 तक की 1 सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टि को पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
यह है वीर गाथा परियोजना
वीर गाथा परियोजना की स्थापना 2021 में वीरता पुरस्कार पोर्टल यानी गैलेंट्री अवार्ड्स पोर्टल के तहत की गई थी। इसका उद्देश्य वीरता पुरस्कार विजेताओं की बहादुरी के कार्यों और इन बहादुरों की जीवन कहानियों के विवरण को छात्रों के बीच प्रसारित करना था, ताकि देशभक्ति की भावना को बढ़ाया जा सके और उनमें नागरिक चेतना के मूल्य पैदा किए जा सकें।
Published on:
31 Aug 2023 09:41 pm
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