
अजमेर खंड में आदर्शनगर (अजमेर) से डेट (चितौडग़ढ़) रेलवे स्टेशन के बीच हो रहे विद्युतीकरण में अर्थिंग प्रणाली व्यवस्थित नहीं हो रही।
भीलवाड़ा।
अजमेर खंड में आदर्शनगर (अजमेर) से डेट (चितौडग़ढ़) रेलवे स्टेशन के बीच हो रहे विद्युतीकरण में अर्थिंग प्रणाली व्यवस्थित नहीं हो रही। इसके चलते रेलवे की सिग्नल प्रणाली फेल हो रही है। इस मामले में वरिष्ठ दूरसंचार एवं सिग्नल इंजीनियरिंग तथा इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में तनातनी बढ़ गई है। सिग्नल फेल होने से दूरसंचार विभाग ने कई रेलवे स्टेशनों पर काम रुकवा दिया है। एेसे में 20 अप्रेल तक नए विद्युतीेकृत मार्ग के ट्रेक को 25 किलोवाट के खतरे से बचाने के लिए इंजीनियरिंग टीम की मुहिम भी झटके खाने लगी है।
भारतीय रेलवे बोर्ड के संरक्षा आयुक्त ने गत माह अजमेर खंड के नए विद्युतीकृत अजमेर-चित्तौडग़ढ़ रेल मार्ग का निरीक्षण कर यहां कुछ कमियों को सुधारे जाने के बाद इलेक्ट्रिक ट्रेन संचालित करने की हरी झंडी दे दी है। इसी दौरान रेलवे के इलेक्ट्रिकल विभाग ने नए रेल मार्ग पर 25 किलो वॉल्टेज का करंट प्रवाहित कर लोको पायलट और यहां बिछी विद्युत लाइनों की क्षमता परख ली थी। रेलवे ट्रेक पर करंट प्रवाहित के दौरान जान-माल का नुकसान ना हो और रेलवे मार्ग पर यात्री सुरक्षित रहे, इसके लिए इलेक्ट्रिकल विभाग ने रेलवे स्टेशनों पर अर्थिंग बांड (ज्वाइंट) लगाने का काम शुरू किया।
इलेक्ट्रिल विभाग के अर्थिंग के लिए बांड लगाने के दौरान कई रेलवे स्टेशनों पर सिग्नल फेल हो रहे है, इससे वरिष्ठ दूरसंचार एवं सिंग्नल इंजीनियरिंग विभाग की मुसीबीतें बढ़ गई है। सिग्नल फेल होने की स्थिति में ट्रेनों को रेलवे स्टेशन पर प्रवेश करने का संकेत नहीं मिल पा रहा है। इसी कारण ट्रेनों व मालगाडि़यों को बीच राह में रोका जा रहा है। भीलवाड़ा, मांडल व धुंवाला रेलवे स्टेशन क्षेत्रों में तो सिग्नल मिलने के अभाव में गत एक सप्ताह के दौरान कई ट्रेनों को रोक दिया गया। अर्थिंग बांड से सिग्नल फेल होने से दूरसंचार विभाग ने इलेक्ट्रिक्ल विभाग की तरफ से कराया जा रहा कार्य रुकवा दिया।
दोनों विभाग नहीं एकमत
अर्थिंग बांड का कार्य रुकवाने से दोनों ही विभागों के आला अधिकारियों के बीच तनातनी बनी हुई है, कई बार तो अधिकारी तीखी नोंक झोंक पर उतर आए। इलेक्ट्रिकल विभाग के अधिकारियों का मानना है कि रेलवे ट्रेक में उच्च क्षमता का करंट प्रवाहित होने की स्थिति में रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म व यार्ड में अर्थिंग बांड लगाना जरूरी है, इससे आंशिक रूप से सिग्नल व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, एेसे में दूरसंचार एवं सिग्नल विभाग को सहयोग करना चाहिए, ताकि नए विद्युतीकृत रेल मार्ग पर अर्थिंग का कार्य समय से पूर्व किया जा सकता है। रेल मार्ग पर 23 रेलवे स्टेशन पर अर्थिंग होनी है।
Published on:
15 Apr 2018 12:53 pm
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