6 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शरद पूर्णिमा आज, व्रत कल रहेगा

कोरोना के चलते नहीं होगा सार्वजनिक समारोह

less than 1 minute read
Google source verification
Sharad Purnima today, fast will be tomorrow in bhilwara

Sharad Purnima today, fast will be tomorrow in bhilwara

भीलवाड़ा
शरद पूर्णिमा शुक्रवार शाम 5.२६ बजे से शुरू होगी, जो शनिवार रात 8.18 बजे तक रहेगी। पंडितों के अनुसार, ऐसे में शरद पूर्णिमा महोत्सव 30 और व्रत 31 अक्टूबर को रहेगा। अधिकमास से पूर्णिमा का चांद सामान्य से ज्यादा बड़ा दिखाई देगा। कोरोना के चलते इस बार मंदिरों में शरद पूर्णिमा पर बड़े आयोजन नहीं हो रहे। केवल खीर का भोग लगाकर पूजा की जाएगी। मुख्य डाकघर के सामने श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर के महंत बाबूगिरी ने बताया कि कोरोना को देखते हुए इस बार मंदिर पर सार्वजनिक कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। केवल भोग के लिए खीर बना हनुमानजी चढ़ाया जाएगा। सांगानेर स्थित खाखरा वाले देवता के यहां बड़ा आयोजन होता है, लेकिन इस बार कोरोना के चलते कोई भी बड़ा आयोजन नहीं होगा।
खुले आसमान के नीचे खीर
पंडित अशोक कुमार व्यास ने बताया कि शरद पूर्णिमा को चंद्रमा को अघ्र्य देकर और पूजन के बाद चंद्रमा को खीर का भोग लगाना चाहिए। रात 10 से 12 बजे तक चंद्रमा की किरणों का तेज अधिक रहता है। खीर के बर्तन खुले आसमान में रखना फलदायी होता है। इससे खीर में औषधीय गुण आ जाते हैं और वह मन, मष्तिक व शरीर के लिए अत्यंत उपयोगी मानी जाती है। खीर को अगले दिन ग्रहण करने से घर में सुख-शांति होती है और बीमारियों से छुटकारा मिलता है। गुरु धनु में और शनि मकर में स्वयं राशि पर रहेंगे। सूर्य, तुला, शुक्र कन्या राशि में नीच राशि पर रहेंगे। ऐसे संयोग में पूर्णिमा की रात को माता लक्ष्मी, चंद्रमा और देवराज इंद्र का पूजन रात में करने से दरिद्रता दूर होगी। समुद्र मंथन से निकले 14 रत्नों में से एक चंद्रमा को मानते हैं।