
शहर सहित जिलेभर में इन दिनों गरबा महोत्सव के तहत जगह—जगह गरबा नृत्य की धूम मची हुई है। शाम होते ही सजे-धजे परिधानों में युवक-युवतियां पांडालों की ओर रुख करना शुरु कर देते हैं।

आकर्षक रोशनी में मां दुर्गा की प्रतिमा के सामने डीजी की धुनों पर शुरू होती है गरबा की धूम।

इसी के साथ शहर में करीब पांच सौ से अधिक गरबा पांडालों में युवा थिरक रहे तो कई जगहों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है।

युवाओं की पहली पसंद गुजराती व राजस्थानी गीत बने हुए हैं, जिन पर युवा थिरक रहे हैं।

गरबा पांडालों में आज भी युवा माताजी के भजनों के साथ ही पारंपरिक गीतों का मोह नहीं छोड़ पा रहे हैं। कॉलोनियों में गरबा समितियों की ओर से देखने वालों के लिए बैठने से लेकर पानी, रोशनी आदि की व्यवस्था की गई है।

कार्यक्रम शुभारंभ पर मां दुर्गा की आरती के साथ ही शुरू हो जाती है गरबा रमने की शाम। जो देर रात तक चलती रहती है।