17 अप्रैल 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आज का श्रवणकुमार: मां को कंधे पर बैठा तीर्थ करने निकला पुत्र

https://www.patrika.com/rajasthan-news/

2 min read
Google source verification
sharvankumar in bhilwara... the great son...

sharvankumar in bhilwara... the great son...

भीलवाडा. बरसनी।

आज जहां माता-पिता व बुजुर्गों के साथ कलयुगी बेटों द्वारा दुव्र्यवहार और मारपीट की घटनाएं देखने और सुनने को मिल रही है। वहीं दुनिया में एेसे 'श्रवण कुमारÓ भी हैं जो माता-पिता मनोकामना पूरी करने के लिए जी-जान लगा देते हैं। शंभूगढ़ में बुधवार को दिनेशकुमार मारू मां रामूदेवी को कंधे पर बैठाकर बाबा रामदेव के तीर्थ के लिए निकल पड़ा। क्षेत्र में हर जगह इसकी चर्चा रही। शम्भूगढ़ निवासी दिनेश मारू बुधवार को मां को कंधे पर बैठाकर रामदेवरा के लिए रवाना हुआ। दिनेश का कहना है कि बचपन में मन्नत मांगी थी कि जिस दिन 21 साल हो जाऊंगा उस दिन मां को कंधे पर बैठाकर इष्टदेव रामदेवरा का तीर्थ कराकर लाउंगा।

पिता के पैर धोकर लिया आशीर्वाद

दिनेश ने पिता मदनलाल के पैर धोकर आशीर्वाद लिया। वहां से बारिश में मां को कंधे पर बैठाकर रवाना हुआ, तो ग्रामीणों का जमावड़ा लग गया। कर कोई दिनेश को साफा बंधवाकर स्वागत करता दिखा। डीजे की धुन पर पुष्पवर्षा के साथ ग्रामीणों ने दिनेश को रवाना किया।

पांच सौ किलोमीटर की यात्रा में लगेंगे 15 से 20 दिन

शम्भूगढ़ से रामदेवरा की दूरी करीब पांच सौ किलोमीटर है। दिनेश को वहां पहुंचने में 15 से 20 दिन लगेंगे। कस्बे में दिनेश के इस सेवा भाव की खूब चर्चा रही। उसकी विदाई के दौरान लोगों ने साफे बंधवाए और मालाओं से लाद दिया। डीजे और ढोल के साथ उसे कस्बे के बाहर तक विदा किया गया। मां का कहना था कि उसका पुत्र दिनेश आज के जमाने का श्रवण कुमार है। माता—पिता का आशीर्वाद सदैव उसके साथ है। वह ऐसा पुत्र पाकर धन्य है। जय बाबा रामदेव की के जयकारे के साथ बरसती बरसात के बावजूद दिनेश के कदम नहीं डिगे। कस्बे की महिलाओं समेत अन्य लोगों की आंखों में खुशी के आंसू थे। गांव में हर कोई दिनेश की चर्चा करता दिखा।