
25 से बजेगी शहनाइयां, मांगलिक कार्य होंगे शुरू
भीलवाड़ा. देवउठनी एकादशी के बाद से मांगलिक कार्यों के लिए खास शुक्र तारा अगले सप्ताह उदय होगा। इससे शुभ घड़ियों में ढोल-नगाड़े और शहनाइयां बजेंगी तथा विवाह आदि मांगलिक आयोजन होंगे।
पंडित अशोक व्यास के अनुसार 24 नवंबर की रात 12.15 बजे शुक्र का तारा पश्चिम दिशा में उदय होगा। विवाह, गृह प्रवेश, भूमि पूजन, व्यापार का प्रारंभ, जनेऊ व मुंडन संस्कार होंगे। विवाह के लिए शुक्र और गुरु का उदय होना जरूरी है। गुरु, जहां मांगलिक कार्यों का कारक ग्रह है। शुक्र को विवाह व भोग विलास का कारक माना गया है। शादी के लिए इसका उदय रहना जरूरी है। शुक्र तारे के उदय होने के बाद तीन दिन तक बाल्यत्व दोष होने से शुभ कार्य नहीं होंगे। हालांकि नवंबर, दिसंबर तथा जनवरी में 20 सावे हैं। ऐसे में एकल और सामूहिक विवाह की धूम रहेगी।
ये रहेंगे सावे
व्यास ने बताया कि 28 व 29 नवंबर को 10 रेखीय सावा, दो दिसंबर को सात रेखीय, चार को दस रेखीय, सात व आठ दिसंबर को सात रेखीय, 9 को दिवा लग्न छह रेखीय तथा 14 को छह रेखीय सावा रहेगा। 16 दिसंबर से धनु मलमास लगने के कारण 14 जनवरी के बाद ही शुभ कार्य होंगे। अगले साल 26 जनवरी को विवाह का श्रेष्ठ मुहूर्त रहेगा।
Published on:
20 Nov 2022 09:13 am
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