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शिक्षा विभाग में लेटलतीफी और कामचोरी पर लगाम: सीट से गायब मिले तो खैर नहीं

सरकारी कार्यालयों में अपनी मर्जी से आने-जाने और काम के समय सीट से नदारद रहने वाले शिक्षा विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों पर अब गाज गिरेगी

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Education department to curb procrastination and truancy: If found missing from seat, there will be trouble

शिक्षा विभाग में लेटलतीफी और कामचोरी पर लगाम: सीट से गायब मिले तो खैर नहीं

सरकारी कार्यालयों में अपनी मर्जी से आने-जाने और काम के समय सीट से नदारद रहने वाले शिक्षा विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों पर अब गाज गिरेगी। कार्यालयों में पसरी इस बाबूगिरी और लेटलतीफी पर माध्यमिक एवं प्रारंभिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने कड़ा रुख अपनाया है। हाल ही में यह सामने आया था कि कई कर्मचारी और अधिकारी निर्धारित समय पर दफ्तर नहीं पहुंच रहे और कार्यालय समय के दौरान सीट से भी गायब रहते हैं। इससे जरूरी सरकारी कामकाज प्रभावित होता है। इस अपरिहार्य स्थिति से निपटने के लिए निदेशालय ने पूर्व में 13 मार्च 2026 को जारी निर्देशों की निरंतरता में कड़े आदेश जारी किए हैं। जाट ने ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इन निर्देशों की कठोरता से पालना नहीं की गई, तो संबंधित कर्मचारी और अधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए लागू हुए सख्त नियम

सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचना होगा और सबसे पहले उपस्थिति पंजिका में अपने हस्ताक्षर करने होंगे। सभी कार्मिकों को नियमित रूप से अपनी सीट पर ही उपलब्ध रहना होगा। भोजनावकाश के लिए राज्य सरकार की ओर से निर्धारित केवल 30 मिनट के समय का उपयोग किया जाएगा। कोई भी कर्मचारी या अधिकारी बिना पूर्व सूचना के कार्यालय समय में अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित नहीं रहेगा। अवकाश पर जाने वाले कर्मचारियों को सक्षम अधिकारी से प्रार्थना पत्र स्वीकृत करवाने के बाद ही मुख्यालय छोड़ने की अनुमति होगी। उपार्जित अवकाश पर जाने से पहले निर्धारित आवेदन पत्र स्वीकृत करवाना अनिवार्य होगा। बीमारी (अस्वस्थता) की स्थिति में अवकाश प्रार्थना पत्र के साथ चिकित्सा प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा। निदेशालय ने न केवल निचले कर्मचारियों, बल्कि पर्यवेक्षण करने वाले अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय की है। आदेश के अनुसार सभी अनुभाग अधिकारियों को अब माह में कम से कम दो बार अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के उपस्थिति रजिस्टर की अनिवार्य रूप से जांच करनी होगी।

भीलवाड़ा में शिक्षा विभाग की स्थिति

भीलवाड़ा शहर में शिक्षा विभाग से जुड़े तीन कार्यालय है। पहला प्रतापनगर स्कूल के पास मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय माध्यमिक है। यहां दोपहर बाद कोई भी कर्मचारी अपनी सीट पर नहीं मिलता है। यही स्थिति समग्र शिक्षा विभाग तथा जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक कार्यालय की है। यह जिला शिक्षा अधिकारी का कार्य राजेन्द्र गग्गड़ के देखने से यहां के कर्मचारी हर समय कार्यालय से बाहर मिलते है।