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बारह करोड़ के निर्माण कार्यों के पूल में अधिकारियों की चुप्पी

Silence of officials in the pool of construction works worth twelve crores भीलवाड़ा नगर परिषद के शहर में 46 निर्माण कार्यों के लिए बारह करोड़ रुपए की लागत के दो टेंडरों का पूल मांडलगढ़ क्षेत्र में होने की जानकारी सामने आई है। बड़े खुलासे के बावजूद नगर परिषद के अधिकारी व आला जनप्रतिनिधि समूचे मामले में चुप्पी साधे है।
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भीलवाड़ा

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Narendra Kumar Verma

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Updated: 28 Oct 2021, 11:35 PM IST

Silence of officials in the pool of construction works worth twelve crores

Silence of officials in the pool of construction works worth twelve crores

भीलवाड़ा। नगर परिषद के शहर में 46 निर्माण कार्यों के लिए बारह करोड़ रुपए की लागत के दो टेंडरों का पूल मांडलगढ़ क्षेत्र में होने की जानकारी सामने आई है। बड़े खुलासे के बावजूद नगर परिषद के अधिकारी व आला जनप्रतिनिधि समूचे मामले में चुप्पी साधे है। Silence of officials in the pool of construction works worth twelve crores

जानकारी के अनुसार नगर परिषद शहर में 46 निर्माण कार्य करवा रही है। इसके लिए ३० अक्टूबर व ८ नवम्बर को टेंडर होने है। इन टेंडरों में किसी प्रकार की कोई अड़चनें संवेदकों यानि ठेकेदारों में नहीं आए, इसके लिए टेंडर में पूल का खेल बुधवार को खेला गया। जानकारी के अनुसार बुधवार को सुबह शहर के प्रमुख ठेकेदारों ने सुभाष नगर स्थित टंकी के बालाजी पर सुबह ११ बजे पूल करने के लिए गोपनीय बैठक बुलाई, इसके में आधे से अधिक ठेकेदार नहीं पहुंच पाए, इसके बाद ठेकेदारों ने स्थान ही बदल दिया। सभी बाद में मांडलगढ़ कस्बे में स्थित merrige पैलेस पहुंचे।

यहां भी खबर हो गई लीक

यहां भी ठेकेदारों के एकजुट होने की खबर लीक हो गई। इसके बाद सभी ठेकेदारों ने फिर अपना ठौर बदल दिया। लाडपुरा के निकट एक पेट्रोल पम्प पर एकत्रित हुए और यहां बैठक कर बारह करोड़ के दो निविदाओं के ४६ कार्यों की ओपन बोली लगाई। इसका कुछ ठेकेदारों ने विरोध भी किया। लेकिन ज्यादातर ठेकेदार बोली के पक्ष में रहे।

बारह करोड़ का 17 फीसदी बंटेगा

जानकारी के अनुसार पूल के जरिए बारह करोड़ की कुल राशि का १७ फीसदी कमीशन के रूप में देने के लिए प्रत्येक कार्य के लिए बोली लगाई गई। एक कार्य की बोली छह से सात लाख रुपए तक पहुंची। इस बोली की भनक जनप्रतिनिधियों व आयुक्त तक नहीं लगने देने की भी कोशिश की गई। कई प्रमुख ठेकेदारों को भी इस पूल की जानकारी नहीं दी गई। वही न्यास के कुछेक संवेदकों के आने पर भी विरोध हुआ।