28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सल्जर लूम की कीमतें 30 प्रतिशत बढ़ी, नई मशीनों का उत्पादन कम, मांग ज्यादा

देश के टेक्सटाइल उद्योग के आधुनिकीकरण के चलते सल्जर लूम का संकट खड़ा हो गया है

2 min read
Google source verification
bhilwara, bhilwara news, Sljr loom prices 30 per cent in bhilwara, Latest news in bhilwara, Bhilwara News in hindi, Hindi News in bhilwara, Latest hindi news in bhilwara

देश के टेक्सटाइल उद्योग के आधुनिकीकरण के चलते सल्जर लूम का संकट खड़ा हो गया है। स्विजरलैंड की कम्पनी मांग के अनुसार 40 प्रतिशत मशीन भी आपूर्ति नहीं कर पा रही है

सुरेश जैन. भीलवाड़ा।

देश के टेक्सटाइल उद्योग के आधुनिकीकरण के चलते सल्जर लूम का संकट खड़ा हो गया है। स्विजरलैंड की कम्पनी मांग के अनुसार 40 प्रतिशत मशीन भी आपूर्ति नहीं कर पा रही है। इसके चलते पुराने सल्जर लूम की कीमतों में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि हो गई है। ऐसे में सल्जर लूम के ऑरिजनल पाट्र्स तक नहीं मिल रहे। उद्यमियों को मजबूरन चीन से या पुरानी कबाड़ हो चुकी लूमों के पाट्र्स काम में लेने पड़ रहे है। इसका असर वस्त्रनगरी पर भी पड़ा।

READ: बिना 'हथियार न्याय दिलाने मैदान में उतर रही सरकार,'पटवार सेना पीछे हटी


पाट्र्स के व्यापारी का कहना है कि सल्जर लूम की निर्माता कम्पनी शत प्रतिशत उत्पादन नहीं कर पा रही है। इसका मुख्य कारण कम्पनी को एटमा ग्रुप में टेकओवर कर लिया है। देश में लगातार सल्जर लूम की मांग बढ़ती जा रही है। हालांकि इससे भी उच्च क्वालिटी की एयरजेट लूम है लेकिन इसके संचालन पर पावर की खपत ज्यादा है। महाराष्ट्र व गुजरात में उद्योगों को बिजली सस्ती दर पर मिल रही है। राजस्थान में उनके मुकाबले महंगी है। इसके चलते एयरजेट का नया विस्तार भी नहीं आ रहा है। जो एयरजेट में जाना चाहते है वे भी अब सल्जर की योजना बना रहे है।

READ: भीलवाड़ा की झोली में जल्द होगी 3 सौगात

80 प्रतिशत पाट्र्स आते हैं चीन से
मशीनों व पाट्र्स का उत्पादन नहीं होने से व्यापारियों को तुर्की के अलावा यूरोपिय देशों से पाट्र्स मंगवाने पड़ रहे हैं। यहां कीमत अधिक होने से उद्यमी 80 प्रतिशत पाट्र्स चीन से मंगवा रहे हैं। चीन से आने वाले पार्टस की उम्र भी ज्यादा नहीं है। फिर भी उद्यमियों का ध्यान चीन पर ज्यादा है। पुराने सल्जर लूम पहले 10 से 11 लाख में आ रहे थे, लेकिन अब 18 से 19 लाख की लागत आ रही है।अन्य खर्चे अलग है। इसके बाद भी सल्जर लूम नहीं मिल रहे है। नए लूम की कीमत 45 लाख के करीब है।


पुराने लूम खरीद रहे
उद्योगों को पाट्र्स नहीं मिलने पर कई उद्यमी व व्यापारी पुरानी लूमे खरीद कर भीलवाड़ा ला रहे हैं। हाल ही में पंजाब की एक मील ने अपने पुराने 120 सल्जर लूम बेचे थे। उनमें अधिकांश लूम भीलवाड़ा लाए गए। अब उनके पाट्र्स पर रंग कर नए उद्योगों को सप्लाई कर रहे हैं।

नहीं मिल रहे ऑरिजनल पाट्र्स
देश भर में सल्जर की मशीनों की मांग है। भीलवाड़ा में भी कई उद्यमी सल्जर की योजना बना रहे है लेकिन मशीने नहीं मिल रही है। इनकी कीमतें 30 प्रतिशत तक बढ़ा दी है। ओरिजनल पाट्र्स तक नहीं मिल रहे है। उद्यमी इधर-उधर से कबाड़ कर काम चला रहे है।
रवि माहेश्वरी, पाट्र्स व्यापारी


मिल नहीं रही मशीनें
सल्जर लूम की मांग विश्व के टेक्सटाइल बाजार में है। पहले नया खाता लगाने पर मांग से अधिक मशीन मिल जाती थी, लेकिन अब जरूरत का पांचवां हिस्सा भी मुश्किल से मिल रही है। हालांकि बुधवार को ४६ सल्जर लूम आए हैं। इसके लिए भी बड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
मोहम्मद शाबीर,
टेक्सटाइल उद्यमी