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लघु कॉटन जिनिंग अब ग्रीन व स्टोन कटिंग ऑरेज श्रेणी में

प्रदूषण के लिहाज से बदली श्रेणी370 औद्योगिक इकाइयों को कम देनी होगी संचालन फीस

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Small Cotton Ginning Now in Green and Stone Cutting Orange category in bhilwara

Small Cotton Ginning Now in Green and Stone Cutting Orange category in bhilwara

भीलवाड़ा
प्रदूषण के लिहाज से भीलवाड़ा उद्योगों के लिए अच्छी खबर है। लघु कॉटन जिनिंग एंड प्रोसेसिंग इकाइयों को अब ऑरेंज से ग्रीन श्रेणी में कर दिया है। वहीं स्टोन कटिंग उद्योग को रेड से ऑरेंज श्रेणी में बदल दिया। प्रदूषण विभाग के अनुसार यह इकाइयां प्रदूषण फैलाती थी। कृषि प्रधान जिला होने के कारण से उद्योग एवं किसानों को इसका फायदा मिलेगा। यह निर्णय राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हाल में लिया। इससे जिले की लघु श्रेणी की कॉटन जिनिंग एंड प्रोसेसिंग इकाइयों को सीधा लाभ होगा। जिले में करीब 70 इकाइयां हैं।
कॉटन जिनिंग के ग्रीन श्रेणी में आने से संचालकों को उद्योग संचालन फीस कम देनी पड़ेगी। प्रदूषण विभाग इनसे हर 5 वर्ष में 70 हजार रुपए फीस लेता था। अब 15 वर्ष की फीस मात्र 12 हजार रुपए लगेगी। इससे जिले में नई औद्योगिक इकाइयों की राह आसान होगी। कॉटन जिनिंग इकाइयों को ग्रीन श्रेणी में रखने की मांग लम्बे समय से औैद्योगिक संगठन कर रहे थे।

चेतन डिडवानिया ने बताया कि क्षेत्र में पैदा हो रही उपज को उचित मूल्य देने के लिए कृषि आधारित उद्योगों की जरूरत रहती है। क्षेत्र में कॉटन जिनिंग इकाइयां हैं। इनमें न प्रदूषित पानी उत्सर्जित होता है और न कोई गैस निकलती है। रुई उत्पादन पर केवल कॉटन सीड्स एवं रुई को अलग-अलग किया जाता है। स्टोन कटिंग के ऑरेज औरेंज श्रेणी में शामिल होने से जिले के ३०० से अधिक उद्यमियों को राहत मिली है।