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भीलवाड़ा पुलिस पर भी तस्करों ने किया था फायर

सौ किलोमीटर तस्करों को दौड़ लगवाने और तत्कालीन एसपी विकास शर्मा के अजमेर जिले में पकडऩे की योजना की हकीकत जोधपुर से पकड़े गए तस्कर विष्णु की ढाणी निवासी रवि उर्फ रफ्तार की शुक्रवार को बिजयजनगर में गिरफ्तारी से साफ हो गई।

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Smugglers had also opened fire on Bhilwara police

Smugglers had also opened fire on Bhilwara police

भीलवाड़ा. सौ किलोमीटर तस्करों को दौड़ लगवाने और तत्कालीन एसपी विकास शर्मा के अजमेर जिले में पकडऩे की योजना की हकीकत जोधपुर से पकड़े गए तस्कर विष्णु की ढाणी निवासी रवि उर्फ रफ्तार की शुक्रवार को बिजयजनगर में गिरफ्तारी से साफ हो गई। भीमगंज थानाप्रभारी सुरजीत और उनकी टीम ने भीलवाड़ा को छोड़ अजमेर जिले की सरहद जालिया में नाकाबंदी कर तस्करों को पकडऩे का प्रयास किया था। तस्करों ने भागते समय फायर किया। जवाब में पुलिस ने भी एके-४७ से ३२ राउण्ड गोलियां दागीं। तस्करों की ओर से फायर में एक गोली भीमगंज थाने के सिपाही के हाथ से होकर गुजरी। एेसे में वह जख्मी हुआ था। थानाप्रभारी की ओर से कातिलाना हमला और राजकार्य में बाधा पहुंचाने का मामला बिजयनगर थाने में दर्ज कराया था। बिजयनगर पुलिस ने सबसे पहले इसी मामले में रवि की गिरफ्तारी दर्शाई।

यह था मामला
मुखबिर से सूचना मिली कि एक लाख का इनामी गैंगस्टर राजू फौजी मादक पदार्थ लेकर मंगलवार रात भीलवाड़ा जिले से गुजरेगा। बताए समय पर दो गाडि़यों में तस्कर मादक पदार्थ भरकर जा रहे थे। एक गाड़ी में डोडा चूरा था तथा दूसरी एस्कॉर्ट कर रही थी। बेगूं, कोटड़ी होते हुए तस्कर आरसी व्यास कॉलोनी में कोटा बाइपास से हाइवे चढ़ गए। तस्करों का पीछा करने के दौरान रायला थाने की जीप हाइवे पर ओवरब्रिज से नीचे पलट गई। थाने के सिपाही ईशाक मोहम्मद की मौत हो गई। पुलिस ने पहले कहा था कि कानिया में बेरिकैड व अन्य साधनों से हाइवे को जाम किया। लेकिन यह नाकाबंदी कानिया नहीं बल्कि निकट ही अजमेर जिले की सरहद जालिया में हुई थी। वहां भीमगंज थानाप्रभारी सुरजीत अपनी टीम के साथ नाकाबंदी पर थे।

तस्करों ने हथियार निकाल धमकाया, रास्ता छोडऩे को ललकारा
नाकाबंदी के दौरान दो लग्जरी गाड़ी आते दिखी। जिसमें मादक पदार्थ भरा था। वह पीछे चल रही थी। आगे चल रही गाड़ी में सवार तस्करों ने उपनिरीक्षक और जाप्ते पर हथियार निकाल कर धमकाया और रास्ता छोडऩे की बात कही। इस दौरान मादक पदार्थ भरी गाड़ी को पीछे लेकर चालक रवाना हो गया। धमकाने वाले तस्कर मुड़कर जाने लगे तो पुलिस ने फायर कर दिया। इस दौरान तस्करों ने भी फायर किया। तस्करों की ओर से फायर की गई एक गोली भीमगंज थाने के सिपाही ऊषा कुमार के हाथ को छूते हुए निकली। इससे हाथ लहूलुहान हो गया। पुलिस ने पीछा किया। तस्कर मादक पदार्थ से भरी गाड़ी को गुलाबपुरा क्षेत्र के कानिया में छोड़कर भाग गए। बिजयनगर पुलिस ने इसी मामले में जोधपुर से पकड़े गए तस्कर की गिरफ्तारी की।

भीलवाड़ा में क्यों नहीं नाकाबंदी
माण्डलगढ़ से जिले में प्रवेश करने वाले तस्करों की सौ किलोमीटर तक दौड़ लगवा कर पीछे हुई भीलवाड़ा पुलिस ने जिले में एक भी जगह नाकाबंदी करके उनको रोकने की हिमाकत नहीं की। यहां तक की भीमगंज थानाप्रभारी तक को नकाबांदी करने अजमेर जिले की सरहद पर जाना पड़ा। जबकि लाम्बिया टोलनाका या अन्य महफूज जगह नाकाबंदी कर तस्करों को दबोचा जा सकता था। हालांकि पुलिस का तर्क यह है कि मारवाड़ में प्रवेश के लिए जालिया के निकट से होकर तस्कर जाते। इसलिए जालिया में नाकाबंदी कराई गई। हकीकत यह है कि जालिया अजमेर जिले में है।

राजू फौजी नहीं था साथ, पांच जने तस्करी कर जा रहे थे
आरोपी रवि उर्फ रफ्तार से हुई पूछताछ में अब तक सामने आया कि मंगलवार रात को दो तस्करों की गाड़ी में राजू फौजी नहीं था। दोनों गाडि़यों में पांच जने सवार थे। यह मादक पदार्थ बेंगू के निकट एक जगह से भरा गया था। इसे जोधपुर ले जाना था। बिजयनगर पुलिस रवि से उसके अन्य साथियों के बारे में पता कर रही है।

यहां से विवाद की शुरुआत,
घटना की रात भीलवाड़ा के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक और वर्तमान में अजमेर एसपी भीलवाड़ा के पुलिस अफसरों के गु्रप में जुड़ते हैं। अफसरों को अलर्ट रहने और तस्करों को आने की बात गु्रप में करते हैं। भीलवाड़ा पुलिस तस्करों के पीछे दौड़ती रही। लाम्बिया टोलनाके पर रायला थानाप्रभारी सुनील चौधरी ने तस्कर की एक गाड़ी के रुकने पर पिस्टल तानी। बाद में तस्करों के फरार होने के बाद भी फायरिंग नहीं की। रायला के निकट पीछा करने के दौरान रायला थानाप्रभारी की गाड़ी पलट गई। उसमें एक जवान की मौत हो गई। उसके बाद आईपीएस शर्मा के गु्रप से लेफ्ट हो जाने से मामला सुर्खियों में आ गया। एसपी शर्मा के दबाव के कारण जिले में एक भी जगह नाकाबंदी करके नहीं रोका गया। बताया जा रहा है कि एसपी शर्मा अजमेर जिले में तस्करों को पकड़ कर वाहवाही लूटना चाहते थे।