
High spirits: JCB machines are openly digging and excavating, while the police and mining department remain silent.
भीलवाड़ा जिले में अवैध खनन रोकने के सरकारी दावे खोखले साबित हो रहे हैं। हालात यह हैं कि खनिज और पुलिस विभाग की सुस्ती ने माफियाओं के हौसले इतने बुलंद कर दिए हैं कि वे अब खुलेआम हमला करने से भी नहीं चूक रहे। पुर क्षेत्र के मालीखेड़ा और दरीबा-सालमपुरा मार्ग पर हो रहे अवैध खनन की हकीकत जानने पहुंची 'पत्रिका' टीम पर खनन माफियाओं ने न केवल पथराव का प्रयास किया, बल्कि करीब एक किलोमीटर तक वाहन का पीछा कर डराने की कोशिश की।
मालीखेड़ा में करीब 30 बीघा खातेदारी जमीन पर चुनाई पत्थर का अवैध कारोबार बेरोकटोक चल रहा है। जब पत्रिका रिपोर्टर और फोटो जर्नलिस्ट मौके पर पहुंचे, तो वहां माफियाओं ने पहले टीम को घेरकर सवाल-जवाब किए। जैसे ही उन्हें लगा कि उनकी पोल खुलने वाली है, वे हाथों में पत्थर लेकर मारने के लिए टीम के पीछे दौड़ पड़े। टीम जान बचाकर निकली तो दो बाइकों पर सवार तीन लोगों ने एक किलोमीटर तक पीछा किया। जब टीम ने मोबाइल पर पुलिस को सूचना दी और जाब्ता मंगवाने की बात कही, तब जाकर पीछा कर रहे बदमाश भाग छूटे।
पड़ताल में अवैध खनन की भयावह तस्वीर सामने आई है। सालमपुरा-दरीबा मार्ग पर यहां बिलानाम जमीन पर तीन ट्रैक्टरों में अवैध चुनाई पत्थर भरा जा रहा था। टीम को देखते ही चालक ट्रैक्टर छोड़कर रफूचक्कर हो गए। वहीं मालीखेड़ा में एक दर्जन ट्रैक्टर और कई जेसीबी मशीन पहाड़ का सीना छलनी करते नजर आए। दरीबा क्षेत्र में अवैध खनन की दो बड़ी 'पिट' (खदानें) मिलीं, जो पानी से भरी थीं, जो दर्शाती हैं कि यहां लंबे समय से गहरा खनन किया जा रहा है। यहां रात को अवैध रूप से विस्फोटक सामग्री से विस्फोट तक किए जाते हैं। धमाकों की आवाज पुर व भीलवाड़ा तक आती है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार मालीखेड़ा क्षेत्र से रोजाना 45 से 50 ट्रैक्टर अवैध चुनाई पत्थर भरकर निकल रहे हैं। इस काले कारोबार से सरकार को मिलने वाली लाखों रुपए की रॉयल्टी डकारी जा रही है। हैरानी की बात यह है कि मुख्य रास्तों से गुजरते इन ट्रैक्टरों पर न तो पुलिस की नजर पड़ती है और न ही खनिज विभाग का उड़नदस्ता इन्हें देख पाता है।
क्षेत्र में खुलेआम चल रही जेसीबी और ट्रैक्टर इस बात का प्रमाण हैं कि धरातल पर निगरानी शून्य है। मालीखेड़ा में 30 बीघा जमीन का खुद जाना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न चिह्न लगाता है। आखिर किसके संरक्षण में ये खनन माफिया इतने बेखौफ हो चुके हैं कि अब मीडिया टीम पर भी हमले की हिम्मत जुटा रहे हैं।
पत्रिका के माध्यम से सूचना मिली है। टीम भेजकर कार्रवाई की जाएगी। अवैध खनन वालों को नहीं बख्शा जाएगा।
महेश शर्मा, खनिज अभियंता भीलवाड़ा
Published on:
28 Dec 2025 09:59 am
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