
सरकारी स्कूलों में बड़ा बदलाव: अब शिक्षक एप से होगी विद्यार्थियों की ऑनलाइन हाजिरी
प्रदेश के शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों की कार्यप्रणाली को पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य के सभी राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति शिक्षक एप के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य कर दिया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने इस संबंध में सभी संभागीय संयुक्त निदेशकों को आदेश जारी किए। इससे पहले यह व्यवस्था पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर प्रदेश के 134 स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल और 205 महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में लागू की थी। अब इसे प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों के लिए अनिवार्य कर दिया है।
नई व्यवस्था के तहत विभाग ने स्पष्ट किया कि उपस्थिति दर्ज करने का कार्य विद्यालय की प्रार्थना सभा में होगा। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कक्षा-कक्ष में शिक्षण के दौरान शिक्षक मोबाइल का उपयोग न करें। प्रत्येक कक्षाध्यापक को अपने मोबाइल में शिक्षक एप डाउनलोड कर अपनी स्टाफ आईडी से लॉगिन करना होगा। एप में विद्यार्थियों की सूची प्रदर्शित होगी। शिक्षक को केवल उन छात्रों को चिन्हित करना होगा जो अनुपस्थित हैं। एप से दर्ज की गई हाजिरी सीधे शाला दर्पण पोर्टल के उपस्थिति मॉड्यूल में सिंक हो जाएगी।
आदेश में स्कूल के स्टाफ से लेकर उच्च अधिकारियों तक की जिम्मेदारियां तय कर दी हैं। स्टाफ के मोबाइल में एप डाउनलोड करवाएंगे। सुनिश्चित करेंगे कि प्रतिदिन हाजिरी दर्ज हो। उपस्थिति पंजिका और एप के डेटा का मिलान करेंगे। यदि कक्षाध्यापक छुट्टी पर है, तो संस्था प्रधान के लॉगिन से हाजिरी होगी। यदि किसी विद्यार्थी का नाम एप में नहीं दिख रहा है, तो प्रपत्र 09 पूर्ण करेंगे। प्रथम कालांश में ही संस्था प्रधान को उन शिक्षकों की सूची सौंपेंगे जिन्होंने हाजिरी दर्ज नहीं की।
जिला शिक्षा अधिकारी राजेन्द्र गग्गड़ का कहना है कि मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान' के तहत प्रदेशभर के सभी राजकीय विद्यालयों में शिक्षक एप के माध्यम से हाजरी भरने की व्यवस्था अनिवार्य करना सरकार का अच्छा निर्णय है। आदेश के अनुसार प्रार्थना सभा के दौरान ही उपस्थिति दर्ज करनी होगी।
Published on:
18 Apr 2026 12:25 pm
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