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सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील के लिए खजाना खुला: नए वित्तीय वर्ष के लिए 302 करोड़ का बजट जारी

पीएम पोषण योजना के तहत कुकिंग कन्वर्जन, कुक-कम-हेल्पर और खाद्यान्न के लिए शिक्षा विभाग ने जारी की राशि, भीलवाड़ा को मिले विभिन्न मदों में 9.59 करोड़ रुपए

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Treasury opens for mid-day meals in government schools: Budget of Rs 302 crore released for the new financial year

सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील के लिए खजाना खुला: नए वित्तीय वर्ष के लिए 302 करोड़ का बजट जारी

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत लाखों बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने वाली प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (मिड-डे मील) योजना के लिए शिक्षा विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए खजाना खोल दिया है। प्रारम्भिक शिक्षा विभाग के आयुक्त (मिड-डे मील) की ओर से प्रदेश के सभी जिलों के लिए करोड़ों रुपए की बजट स्वीकृतियां जारी कर दी हैं। यह राशि केंद्र और राज्य सरकार के साझा और गैर-साझा अंशदान के तहत अलग-अलग मदों में जारी की गई है।

इन प्रमुख मदों के लिए मिला पैसा

विभाग की ओर से मुख्य रूप से तीन कार्यों के लिए जिला शिक्षा अधिकारियों (मुख्यालय) के बैंक खातों में क्रेडिट सीमा निर्धारित की गई है। खाद्यान्न का भुगतान और एमएमई अनाज की खरीद और प्रबंधन, मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन के लिए राशि जारी की गई है। भोजन पकाने में लगने वाली सामग्री सब्जी, तेल, मसाले आदि और ईंधन के खर्च के लिए बजट दिया गया है। कुक-कम-हेल्पर का मानदेय के अनुसार स्कूलों में बच्चों के लिए भोजन पकाने वाले रसोइयों के मानदेय भुगतान का रास्ता भी साफ हो गया है।

भीलवाड़ा को मिले 9.59 करोड़

मिड-डे मील योजना के सुचारू संचालन के लिए विभाग ने भीलवाड़ा जिले पर भी विशेष फोकस रखा है। जिले को विभिन्न मदों में कुल 9 करोड़ 59 लाख से अधिक का बजट आवंटित किया गया है। इसमें कुकिंग कन्वर्जन एवं कुक-कम-हेल्पर 436.91 लाख रुपए। कुकिंग कन्वर्जन एवं कुक-कम-हेल्पर (सामान्य) में 265.74 लाख रुपए। राज्यांश -एससी में 142.94 लाख रुपए। केन्द्रांश -एससी में 86.93 लाख रुपए। खाद्यान्न एवं एमएमईकेन्द्रांश - सामान्य में 20 लाख रुपए तथा खाद्यान्न एवं एमएमई में केन्द्रांश -एससी में 6.54 लाख रुपए शामिल है।

उपयोगिता प्रमाण पत्र समय पर देना अनिवार्य

मिड-डे मील आयुक्त ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (प्रारम्भिक शिक्षा) को सख्त निर्देश दिए हैं कि उपर्युक्त राशि का व्यय योजना के दिशा-निर्देशों और वित्तीय नियमों की पूर्ण पालना करते हुए ही किया जाए। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि इस राशि का उपयोग निर्धारित प्रयोजन के लिए 31 मार्च 2027 तक कर लिया जाए। खर्च के बाद उपयोगिता प्रमाण पत्र निर्धारित प्रपत्र में आयुक्तालय को भिजवाना अनिवार्य होगा। पीएम पोषण योजना के तहत कुकिंग कन्वर्जन, कुक-कम-हेल्पर और खाद्यान्न के लिए शिक्षा विभाग ने जारी की राशि, भीलवाड़ा को मिले विभिन्न मदों में 9.59 करोड़ रुपए>