
तपते कमरों में नौनिहाल, अन्य जिलों ने बदला समय पर भीलवाड़ा में बच्चों को 'साहब' के आदेश का इंतजार
भीलवाड़ा जिले में भीषण गर्मी और लू (हीट वेव) के बढ़ते प्रकोप ने आमजन के साथ-साथ स्कूली बच्चों का हाल बेहाल कर दिया है। पारा लगातार आसमान छू रहा है। इससे छोटे बच्चों का स्वास्थ्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। प्रदेश के कई जिलों में गर्मी को देखते हुए स्कूलों का समय बदल दिया गया है, लेकिन भीलवाड़ा का शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन अब भी किसी आदेश या प्रस्ताव के इंतजार में बैठा है।
राजस्थान पत्रिका के शनिवार के अंक में 'सुनोसरकार: भीलवाड़ा प्रशासन को शिकायत का इंतजार, एसी में बैठे अफसर, तपते कमरों में नौनिहाल...' शीर्षक से प्रमुखता से समाचार प्रकाशित होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। खबर छपने के बाद विभिन्न संगठनों ने जन चेतना के तहत जिला प्रशासन को ई-मेल के माध्यम से ज्ञापन भेजकर तुरंत राहत की मांग की है।
यूथ कांग्रेस के जिला महासचिव बनवारी गाडरी और एनएसयूआई के पूर्व जिलाध्यक्ष रितेश गुर्जर के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन भेजा गया। गाडरी ने बताया कि नन्हे बच्चों को चिलचिलाती गर्मी में बिना पर्याप्त सुविधाओं के पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
गर्मी के तीखे तेवरों को देखते हुए हनुमानगढ़, बीकानेर, धौलपुर, श्रीगंगानगर, सिरोही, जोधपुर, भरतपुर, करौली, अलवर, राजसमंद, जयपुर, दौसा, बूंदी, कोटा, बाड़मेर, झालावाड़ और बालोतरा समेत कई जिलों के कलक्टर ने कक्षा 1 से 8वीं तक के बच्चों के लिए स्कूल का समय सुबह 7.30 से 11.30 या 12 बजे तक कर दिया है। पूर्व जिलाध्यक्ष रितेश गुर्जर ने कहा कि अन्य जिलों की भांति भीलवाड़ा प्रशासन को भी बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए तुरंत ठोस निर्णय लेना चाहिए। गुर्जर ने कहां अब तो प्रशासन के पास शिकायत व ज्ञापन भी पहुंच गया है।
हैरानी की बात यह है कि अन्य जिलों में आदेश जारी होने के बावजूद भीलवाड़ा जिला कलक्टर को अब तक जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से समय परिवर्तन का कोई प्रस्ताव तक नहीं भेजा गया है। इस गंभीर मसले पर जब मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (सीडीईओ) अरुणा गारू से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनसे संपर्क ही नहीं हो सका।
Published on:
26 Apr 2026 08:39 am
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