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एवजी के भरोसे कॉलेज, ताला खोलने वाले तक नहीं

सरकार ने वाहवाही लूटने के लिए हर उपखंड में कॉलेज तो खोले लेकिन यह भी नहीं देखा कि उन्हें चलाएगा कौन

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Staff reduction College in bhilwara

Staff reduction College in bhilwara

भीलवाड़ा।

सरकार ने वाहवाही लूटने के लिए हर उपखंड में कॉलेज तो खोले लेकिन यह भी नहीं देखा कि उन्हें चलाएगा कौन। तीन दिन बाद छह जून से कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने वाली है। परीक्षा परिणाम के बाद से ही विद्यार्थियों ने पूछ-परख शुरू कर दी है। लेकिन जिले के छह कॉलेजों का कोई ताला खोलने वाला भी नहीं है।

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इन महाविद्यालयों में व्याख्याताओं और अन्य स्टाफ का टोटा है। प्राचार्य से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों तक के पद रिक्त है। स्टाफ की कमी होने से सारी व्यवस्थाएं गड़बड़ाई हुई है। कुछ कॉलेजों में तो ताला खोलने के लिए भी एवज में कर्मचारी रखे हुए हैं।

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राजकीय कॉलेज बनेड़ा
स्थिति: यहां पाली कॉलेज के एक प्राचार्य को प्रतिनियुक्ति पर लगा रखा है। इसके अलावा न भवन है न कोई सुविधा। एेसे में कॉलेज भी केवल कागजों में है। प्रवेश के लिए दो व्याख्याता को अब अस्थाई रूप से लगाया है।


राजकीय कॉलेज रायपुर
स्थिति: इस कॉलेज में 240 विद्यार्थी नामांकित है। इन्हें पढ़ाने के लिए 22 पद स्वीकृत है इसमें से 12 खाली है। नया कॉलेज है। इसलिए पूरी सुविधा नहीं है। यहां कोई भी मंत्रालयिक स्टाफ नहीं है।


श्री शिवचरण माथुर राजकीय महाविद्यालय, मांडलगढ़
स्थिति: उपचुनाव के कारण इस साल इसे स्नातकोत्तर में क्रमोन्नत किया, लेकिन स्टाफ नहीं है। प्राचार्य का निधन होने के बाद एक अन्य व्याख्याता सुधीप मेहता को प्रतिनियुक्ति पर लगाया है। कुल 13 पद है, जिनमें दो व्याख्याता है। वर्तमान में यहां 1100 विद्यार्थी है। पीजी में पढ़ाई की कोई व्यवस्था नहीं है।


सेठ मुरलीधर मानसिंहका कन्या महाविद्यालय, भीलवाड़ा
स्थिति: जिले में छात्राओं के सबसे बड़े कॉलेज की प्राचार्य डॉ. चित्रा भार्गव सेवानिवृत हो गई। अब प्राचार्य, उपाचार्य का पद रिक्त है। यहां समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, इतिहास, संगीत, पुस्तकालयध्यक्ष, सहायक लेखाधिकारी व शारीरिक शिक्षिका का पद रिक्त है। यहां 3500 छात्राएं है।


मणिक्यलाल वर्मा राजकीय महाविद्यालय, भीलवाड़ा
स्थिति: यहां स्वीकृत 136 पद है जबकि कार्यरत 65 ही है। छह संविदा पर लगे हैं। इस कॉलेज में 6780 बच्चे पढ़ते हैं। इसके बावजूद पूरा स्टाफ नहीं है। संस्कृत पढ़ाने के लिए कोई नहीं है। कनिष्ठ लिपिक के चार व वरिष्ठ लिपिक के दो पद खाली है।


प्रतापसिंह बारहठ राजकीय महाविद्यालय शाहपुरा
स्थिति: इस कॉलेज में करीब 2200 विद्यार्थी पढ़़ते हैं। इसमें स्वीकृत 36 में से 14 पद खाली है। पीजी कॉलेज है लेकिन पूरी सुविधाएं नहीं है।


राजकीय कॉलेज आसींद
स्थिति: इसमें 409 विद्यार्थी पढ़ते हैं। केवल एक व्याख्याता है। छह पद खाली पड़े है। नाम का कॉलेज है अधिकांश बच्चे भीलवाड़ा पढऩे आते हैं क्योंकि वहां सुविधा नहीं है। प्राचार्य लगा है लेकिन बाकी स्टाफ नहीं है।


राजकीय कॉलेज, बिजौलियां
स्थिति: सरकार ने इस साल उपचुनाव के कारण यहां कॉलेज खोला। इसके लिए एमएलवी कॉलेज से दो व्याख्याताओं को प्रवेश की जिम्मेदारी दी है। एमएलवी बॉयज कॉलेज के प्राचार्य को बिजौलियां कॉलेज की अतिरिक्त जिम्मेदारी दे रखी है।


राजकीय विधि महाविद्यालय,
स्थिति: विधि महाविद्यालय में दस पद स्वीकृत है इसमें से आठ खाली है। इसमें एमएलवी बॉयज कॉलेज की उपाचार्य इंदुबाला बाफना को अतिरिक्त चार्ज दे रखा है।