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भीलवाड़ा के सोनियाणा में लगेगा प्रदेश का दूसरा ग्लास प्लांट

1500 करोड़ रुपए का निवेश500 लोगों को मिलेगा रोजगार800 टन ग्लास प्रतिदिन बनेगा

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भीलवाड़ा के सोनियाणा में लगेगा प्रदेश का दूसरा ग्लास प्लांट

भीलवाड़ा के सोनियाणा में लगेगा प्रदेश का दूसरा ग्लास प्लांट

भीलवाड़ा. भीलवाड़ा-चित्तौड़गढ़ के बीच सोनियाणा में प्रदेश का दूसरा ग्लास प्लांट लगाया जाएगा। प्लांट पर 1500 करोड़ रुपए खर्च होंगे। प्लांट से ऑटोमोबाइल्स इंडस्ट्री के लिए ग्लास, ट्रेन, हवाई जहाज व अन्य में काम आने वाले ग्लास बनेंगे। करीब 800 टन प्रतिदिन उत्पादन होगा। इससे 500 लोगों को प्रत्यक्ष व 2 हजार से अधिक को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। रीको के सोनियाणा इंडस्ट्रीज एरिया में टेक्सटाइल और स्टोन इंडस्ट्रीज प्रोजेक्ट नहीं चलने के बाद सरकार ने यहां सिरेमिक एंड ग्लास इंडस्ट्रीज जोन को मंजूरी दी। यह प्लांट 3 लाख 67 हजार 500 वर्ग मीटर में लगेगा।


भिवाड़ी में ग्लास उद्योग
प्रदेश के पहला ग्लास उद्योग भिवाड़ी में है। सोनियाणा प्लांट में में टूटे ग्लास भी काम में लिए जाएंगे। अब तक ग्लास टूटने के बाद उसे कचरे में फेंक देते है, जो प्रदूषण बढ़ाता है।
कच्चा माल राजस्थान से लेंगे
ग्लास उद्योग के अधिकारी ने बताया कि प्लांट में सिलिका सैंड, डोलोमाइट, लाइम स्टोन, फेल्सपार का उपयोग होगा। इनमें कई खनिज भीलवाड़ा जिले में मिलेंगे जबकि अन्य बूंदी, राजसमन्द, सिरोही आदि जिलों से मंगवाएंगे।
इस तरह के लग सकते है उद्योग
रीको ने यहां उद्योगों के लिए 361 हैक्टेयर जमीन आरक्षित कर रखी है। इसमें 541 भूखंड तैयार हैं। 7 भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। इसमें 3.67 लाख हैक्टेयर में ग्लास उद्योग लगेगा। सोनियाणा में 2003 में राज्य सरकार ने टेक्सटाइल जोन मंजूर किया था, तब चित्तौड़गढ़ विधायक नरतपसिंह राजवी उद्योग मंत्री थे। भीलवाड़ा में टेक्सटाइल हब को देखते योजना बनाई है। वर्ष 2016 में पर्यावरणीय क्लियरेंस आई।
पानी की है समस्या
यहां पानी की बड़ी समस्या है। रीको ने वर्तमान में 5 बोरिंग खोद रखी है। अगले चरण में कुछ ओर बोरिंग खोदी जानी है। यहां करीब 30 बोरिंग लगेगी। अभी तक उद्योगों को पानी नहीं मिल रहा है।
पानी उपलब्ध करा रहे हैं
सोनियाणा में औद्योगिक क्षेत्र का प्रोजेक्ट तैयार है। प्रारंभिक चरण में डवलपमेंट के लिए 29 करोड़ के टेंडर किए हैं। सड़क व बिजली कार्य किया जा रहा है। विकास व पहचान के लिए सिरेमिक व ग्लास स्पेसिक जोन शामिल किया है। पानी की समस्या के लिए 5 बोरिंग कराए हैं। उनमें विद्युत कनेक्शन किए जा रहे हैं। पीआर मीणा, क्षेत्रीय अधिकारी भीलवाड़ा रीको