
मेजा बांध से पानी चुरा कर रहे अपना खेत हरा भरा
चम्बल पेयजल परियोजना जीवनदायनी साबित होने के बावजूद वस्त्रनगरी भीलवाड़ा की प्यास की उम्मीद अभी भी मेजा बांध से टिकी है। लेकिन बांध क्षेत्र के हालात भी कम चौकान्ने वाले नहीं है।
दर्जनों डीजल जनरेटर सेट
पत्रिका टीम ने मेजा बांध के पेटा क्षेत्र को खंगाला तो कई हैक्टयर में फैली फसल चोरी के पानी से सींचती नजर आई। यहां दूर तक एक-दो नहीं वरन दर्जनों डीजल जनरेटर सेट पेटा क्षेत्र में खुले आम लगेए थे। इतना ही नहीं, कइयों ने तो दूर-दूर तक पानी ले जाने के पाइप लाइन तक बिछा रखी थी।
खुले आम सब कुछ
बड़ी बात तो यह भी है कि खुले आम सब होने के बावजूद जलदाय विभाग व जल संसाधन महकमा चुप बैठा है। इससे शहर के लिए आरक्षित पेयजल का जलस्तर भी घट रहा है और मत्स्य पालन भी संकट में है।
लाखों लीटर पानी भी चोरी
यहां रोजाना लाखों लीटर पानी भी चोरी हो रहा है और अवैध कब्जे भी पेटा क्षेत्र में बढ़ते जा रहे है। जानकार बताते है कि नदी, बांध व तालाबों से पानी की चोरी रोकने के लिए सख्त निर्देश प्रशासन ने जारी कर रखे है, लेकिन चोरी रोकना तो दूर नदीं, बांध व तालाबों से खुलेआम पानी चोरी कर खेती की जा रही है।
रात को इंजन या अन्य स्रोत
किसान अपनी फसल की पिलाई के लिए रात को इंजन या अन्य स्रोत के माध्यम से पानी का अवैध रूप से दोहन करते हैं। कहने को यहां जलदाय विभाग के कर्मचारी लगे हुए हैं लेकिन पानी की चोरी रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं करता। ऐसा हर साल होता है।
Updated on:
09 Feb 2024 08:28 pm
Published on:
09 Feb 2024 08:09 pm
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