
भीलवाड़ा में फिर दो दिन इंटरनेट सेवाओं पर रोक
भीलवाड़ा।
किसी भी विवाद में इंटरनेट पर पाबंदी प्रशासन की आदत में शुमार हो गया है। भारत में सबसे ज्यादा इंटरनेट पर पाबंदी जम्मू-कश्मीर में लगी। इसके बाद दूसरे नंबर पर राजस्थान है। इंटरनेट पाबंदी के मामले में राजस्थान में सबसे पहले 2015 में इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी लगाई गई थी। राज्य में सीकर, चूरू, झुंझुनूं के नवलगढ़, उदयपुर , नागौर, बीकानेर बांसवाड़ा में भी उपभोक्ताओं को कई दिन इंटरनेट पर पाबंदी झेलनी पड़ी।
विजया दशमी तथा मोहर्रम को देखते हुए संभागीय आयुक्त हनुमान सहाय मीणा ने आदेश जारी कर भीलवाड़ा जिले में दो दिन के लिए इन्टरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी है। मीणा ने अपने आदेश में कहा कि भीलवाड़ा के जिला मजिस्ट्रेट ने पुलिस अधीक्षके निवेदन पर 30 सितम्बर को विजयीदशमी तथा मोहर्रम को देखते हुए तथा गत वर्षो में असामाजिक तत्वों की ओर से साम्प्रदायिक सोहार्द बिगाडऩे का प्रयास किया गया था।
पूर्व में घटित घटनाओं को ध्यान में रखते हुए 30 सितम्बर को शाम सात बजे से एक अक्टूबर को सुबह 4 बजे तक तथा एक अक्टूबर को दोपहर 2 बजे से रात्रि 12 बजे तक टेलिकॉम कम्पनियों की इन्टरनेट सेवा पर प्रतिबन्ध लगाने का अनुरोध किया है। इसके तहत कानून व्यवस्था बनाए रखने, साम्प्रदायिक सोहार्द बनाए रखने तथा लोक सुरक्षा को ध्यान मेंं रखते हुए भारत सरकार के संचार मंत्रालय की अधिसूचना 7 अगस्त 2017 के नियम 2 (1) के तहत गृह (ग्रुप-9) विभाग राजस्थान सरकार जयपुर के आदेश 2 सितम्बर 2017 के अनुसार पूरे जिले में इन्टरनेट सेवाओं रोक लगा दी है।
इस वर्ष तीसरी बार इंटरनेट सेवाएं बंद
शहर में इस वर्ष दस माह में यह तीसरा मौका है जब प्रशासन ने इंटरनेट सेवाएं बंद करवाई है। इससे पूर्व दिसंबर 2016 में प्रशासन ने तीन बार इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगाई। वर्ष 2017 में 11 अप्रेल को हनुमान जयंती व पांच सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर इंटरनेट सेवाओं को बाधित किया गया।
Updated on:
30 Sept 2017 09:40 pm
Published on:
30 Sept 2017 03:00 pm
बड़ी खबरें
View Allभीलवाड़ा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
