30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान में यहां किसानों को इस फल ने कर दिया मालामाल, दिल्ली की मंडियों में बिक रहा ऊंचे दामों में

आमतौर पर ठंडे प्रदेश कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, शिमला में होने वाली स्ट्राबेरी ( Strawberry ) की खेती अब राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ में भी होने लगी है। यहां के किसानों का रुझान स्ट्राबेरी की ओर बढ़ता जा रहा है...

2 min read
Google source verification
strawberry.jpg

भीलवाड़ा/बीगोद। आमतौर पर ठंडे प्रदेश कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, शिमला में होने वाली स्ट्राबेरी ( strawberry ) की खेती अब राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ में भी होने लगी है। यहां के किसानों का रुझान स्ट्राबेरी की ओर बढ़ता जा रहा है। मांडलगढ़ के बीगोद, कल्याणपुरा और नन्दराय गांव में भी किसान स्ट्राबेरी की खेती कर रहे हैं। स्ट्राबेरी खेती से किसान आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे है।

ऐसे होती है खेती ( Strawberry Farming )
स्ट्रॉबेरी के पौध को ड्रिप व मल्चिंग पर उगाया जाता है। इसकी रोपाई सिम्बर-अक्टूबर में की जाती है। यह दिसम्बर से मार्च के अंत तक फल देता है।

इतने का आता है एक पौधा
स्टॉबेरी का प्रति पौधा 10 से 15 रुपए के बीच पड़ता है। किसान बंशीलाल धाकड़ ने बताया कि एक एकड़ में 23 हजार पौधे लगाएं है। क्वालिटी भी अच्छी है और उत्पादन भी हो रहा है। अभी दिल्ली मंडी में फल भेजा जा रहा है जहां 2 सौ रुपए किलो का भाव मिला रहा है। यह नाजुक फल होने से इसे अच्छे से पैकिंग करना पड़ता है।

प्रतिकूल मौसम में भी की खेती
सहायक कृषि अधिकारी अशोक जोशी ने बताया कि स्ट्रॅाबेरी की फसल केवल ठंडे प्रदेश में ही होती है। इसके बावजूद मांडलगढ़ में किसान इसकी खेती कर रहे हैं। इसके सफल परिणाम भी मिले हैं। यहां अच्छे मीठे फल उग आए हैं। यह प्रयोग अन्य किसानों को भी करना चाहिए।

ये भी पढ़ें :
भीलवाड़ा में शक्करगढ़ थाना क्षेत्र के आमलदा में बुधवार बीती रात्रि अज्ञात चोरों ने तेजाजी व माताजी के स्थान को निशाना बनाते हुए दोनो मंदिरों के दानपात्र तोड़ हजारों रुपए चुरा ले गए। ग्रामीणों की सूचना पर अमरगढ़ चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। वहीं चोरी की लगातार घटना के बाद ग्रामीणों में पुलिस गश्त व्यवस्था को लेकर रोष व्याप्त है। जानकारी के अनुसार आमलदा कस्बे के माता जी के स्थान व तेजाजी के स्थान से दानपात्र तोड़ चोरों ने 75 हजार रुपए की नगदी समेट कर ले गए। सुबह दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने दोनों मंदिरों के दानपात्र के ताले टूटे देखे।

ग्रामीणों ने बताया कि तेजाजी के स्थान से 60 हजार रुपये व माताजी के स्थान से 15 हजार रुपये की चोरी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी तीन बार दानपात्र के ताले टूट चुके हैं लेकिन अभी तक पुलिस चोरों का सुराग नहीं लगा पाई, जिससे ग्रामीणों में पुलिस गश्त व्यवस्था को लेकर रोष व्याप्त है। वहीं ग्रामीणों की सूचना के बाद अमरगढ़ चौकी व शक्करगढ़ थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची।

Story Loader