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दूसरे राज्यों में सख्ती से कपड़ा कारोबार हुआ प्रभावित

अगले माह शादियों का सीजन फिर भी कपड़े की मांग कम

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दूसरे राज्यों में सख्ती से कपड़ा कारोबार हुआ प्रभावित

दूसरे राज्यों में सख्ती से कपड़ा कारोबार हुआ प्रभावित

भीलवाड़ा।
देश भर में कोरोना संक्रमण बढ़ता चला जा रहा है। विशेष तौर पर महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, गुजरात और राजस्थान में संक्रमण बढऩे पर सख्ती लगाई जा रही है। महाराष्ट्र के कई बड़े शहरों में लॉकडाउन तक लगाया गया है। इसके कारण वहां की काफी कपड़ा मंडी बंद है। इससे अब कपड़ा कारोबार पर कोरोना संक्रमण का आंशिक असर दिखाई देने लगा है। कपड़ा व्यापारियों का कहना है कि पिछले एक पखवाड़े से भीलवाड़ा से कपड़ा अन्य राज्य में जाता था। उसकी रफ्तार में कमी आई है। कोरोना संक्रमण के कारण इस सप्ताह अन्य राज्यों में ट्रक का पहिया चलना भी कम हो गया है। इसके कारण विविंग उद्योग व कपड़ा प्रोसेस उद्योग पर भी असर देखने को मिल रहा है। बंगाल और आसाम में विधानसभा चुनाव को लेकर भी कपड़ा कारोबार पर असर देखने को मिल रहा है।
कोरोना के कारण मुम्बई की कई मंडियां बन्द
कपड़ा व्यापारी ने बताया कि कोरोना के कारण मुम्बई के काफी कपड़ा मंडी को वहां की सरकार ने बन्द करा दिए है। इसके अलावा कोरोना का संक्रमण सप्ताहभर में बढ़ रहा है। ऐसे में आगामी दिनों में 5 बड़ी सीजन में होने वाले कारोबार को लेकर चिंता है। वही ट्रक मालिकों व निजी बस संचालकों का कहना है कि कोरोना के कारण फिर से थोड़ी परेशानी शुरू हुई है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल और आसाम में भी कपड़ा जाता था वह अब मांग कम हो गई है।
व्यापारियों की चिंता बढ़ी, करोड़ों के नुकसान का अंदेशा
आगामी दिनों में 23 अप्रेल से शादी की सीजन शुरू होने वाला है। इसके अलावा रमजान ईद, अखातीज और स्कूल के यूनिफॉर्म का सीजन आने वाला है। इन सीजन से आगामी दो माह में करोड़ो का कारोबार होता है। इन सीजन को लेकर व्यापारी चिंतित है। अगर कोरोना संक्रमण इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले सीजन में भी करोड़ों का नुकसान हो सकता है। कपड़ा व्यापारी ने बताया कि पूरे साल का कारोबार मार्च और अप्रेल में होता है। इस बार कोरोना के कारण चिंता बढ़ गया है। बाहर की मंडी से व्यापारी आ नहीं रहे है, इसलिए कारोबार पर आंशिक असर देखने को मिल रहा है। कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर आगामी सीजन को लेकर चिंता बढ़ी है। वही कोरोना संकट कई राज्यों में लॉकडाउन लग रहा है। जिस कारण डिमांड कम होने से सप्लाई कम होने लगी है। आगे माल बिकेगा या नहीं उसकी चिंता हर व्यापारी को सता रही है। अन्य राज्यों में सख्ती रहने से हालात बिगड़ रहे है।