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अचानक तापमान बढऩे फसलों को हो सकता है नुकसान

किसान हुए चिन्तित

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अचानक तापमान बढऩे फसलों को हो सकता है नुकसान

अचानक तापमान बढऩे फसलों को हो सकता है नुकसान

भीलवाड़ा।
जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार तापमान बढ़ रहा है। इससे गेहूं और चना की फसलों को खासा नुकसान का अंदेशा है। अचानक तापमान बढऩे से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 3४ डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। तापमान बढऩे से दोपहर के समय खेतों में खड़ी गेहूं और चना की फसलें मुरझाने लगी है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार गेहूं की फसल के लिए वर्तमान में अधिकतम 25 से 26 डिग्री तापमान होना चाहिए। जबकि अभी उससे ८ से ९ डिग्री तापमान अधिक चल रहा है। आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ेगा। इससे गेहूं का उत्पादन काफी प्रभावित होने की आशंका है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तापमान इसी तरह बढ़ता रहा और समय पर सिंचाई नहीं हुई तो गेहूं की पैदावार ३ से ४ क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक कम हो सकती है। उत्पादन घटने से किसानों को भारी नुकसान होगा।
जिले में गेहूं का औसत उत्पादन 3० से ३५ क्विंटल प्रति हेक्टेयर होता है। तापमान की अधिकता से पैदावार कम होने से किसानों को प्रति हेक्टेयर 12 से 15 हजार रुपए तक का नुकसान होगा। इस बार जिले में १ लाख ११ हजार हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई हुई है। कृषि विभाग के अधिकारी किसानों से फसलों में समय पर सिंचाई करने की अपील कर रहे हैं, ताकि बड़े नुकसान से फसलों को बचाया जा सके। मार्च में गेहूं की फसल में सिंचाई नहीं हुई तो नुकसान का आंकड़ा और बढऩे की आशंका
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार गेहूं की फसल अब पकाव पर पहुंच गई है। मार्च में तापमान और बढ़ेगा। ऐसे में एक-दो सिंचाई पानी देना जरूरी होगा। अगर एक भी सिंचाई नहीं हुई तो उत्पादन में गिरावट होगी।