
स्वयं से कर रहे अब पढ़ाई
भीलवाड़ा ।
ऑनलाइन स्टडी प्लेटफॉर्म स्वयं से अब देशभर से अलग-अलग कक्षाओं के २० लाख से अधिक विद्यार्थी बिना शिक्षक के पढऩे लगे हैं। नए सत्र से मानव संसाधन विकास मंत्रालय का स्वयं पोर्टल एवं चैनल कई नए कोर्स ला रहा है। ये कोर्स अगले माह तक शुरू हो जाएंगे। शुरुआत के साथ ही स्वयं पोर्टल दुनिया का सबसे बड़ा ऑनलाइन प्लेटफार्म बन जाएगा। खास बात ये है कि इस पोर्टल के जरिए देश में किसी भी हिस्से में बैठा व्यक्ति रजिस्ट्रेशन करा शिक्षा ले सकता है। इस पर डिग्री और डिप्लोमा स्तरीय पढ़ाई भी यहां उपलब्ध है।
बदले समय की बदलती शिक्षा
एक समय था, जब बगैर शिक्षक के बच्चे कक्षा में बेकार बैठे-बैठे समय गंवा देते थे, लेकिन अब तो कोई भी बच्चा केवल इंटरनेट के माध्यम से देश के किसी भी हिस्से से स्वयं की कक्षा में पढ़ाई कर सकता है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय का यह चैनल वर्तमान में अलग-अलग क्षेत्रों से जुडे़ ६७० कोर्स संचालित कर रहा है। मंत्रालय ने पोर्टल को एनसीईआरटी के सहयोग से तैयार किया है। जल्द ही ३०० एेसे कोर्स डिजाइन किए जाएंगे जो दस अलग-अलग भाषाओं में होंगे। वर्तमान में देश भर के अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षण देने का कार्य भी इसी से शुरू कर दिया है। इसमें करीब १२ लाख से ज्यादा शिक्षक अब तक यहां प्रशिक्षण के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं।
शिक्षित भारत-उन्नत भारत
स्वयं पोर्टल का ध्येय वाक्य 'शिक्षित भारत उन्नत भारत Ó है। मुफ्त ऑनलाइन शिक्षा पाने के लिए पहले पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराना होता है, फिर लॉग इन व आइडी से नियमित कक्षाओं में पढ़ाई कर सकते हैं। डिजिटल क्रांति के जरिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए नवीं कक्षा से स्नातकोत्तर तक पढ़ाई की जा सकती है। विशेष चयनित करीब १ हजार शिक्षक यहां अध्यापन कराते हैं। ऑडियो- वीडियो, मल्टी मीडिया, ऑनलाइन शिक्षण होता है। हर स्तर पर सात राष्ट्रीय समन्वयक नियुक्त किए गए हैं, उन्हें इंजीनियरिंग के लिए एनपीटीईएल, स्नातकोत्तर शिक्षा के लिए यूजीसी, अंडर ग्रेजुएट शिक्षा के लिए सीईसी व एनसीईआरटी स्कूल शिक्षा के लिए एनआईओएस व प्रबंधन अध्ययन के लिए इग्नू को जोड़ा गया है।
यहां मिल रही मुफ्त शिक्षा
स्वयं के पाठ्यक्रम मुफ्त में उपलब्ध हैं। प्रमाण-पत्र प्राप्त करने वाले छात्र पंजीकृत होंगे। पाठ्यक्रम के सफल समापन पर प्रमाणपत्र की पेशकश की जाएगी, तो थोड़ा शुल्क कोर्स पूरा होने पर चुकाना होगा। रिकॉर्ड यूजीसी के माध्यम से रखा जा रहा है। एमएचआरडी, अखिल भारतीय तकनीकी परिषद, माइक्रोसॉफ्ट, एआईसीटीई के माध्यम से इसे तैयार किया है। स्कूली, कॉलेज, इंजीनियरिंग, कानून और प्रबन्धकीय शिक्षा का बेहतर प्लेटफार्म है। हैल्पलाइन १८००१२१९०२५ इस पर कोई भी व्यक्ति किसी भी कोर्स के लिए बात कर सकता है। इसमें डिप्लोमा, सर्टिफिकेट, अण्डर ग्रेजुएट व पोस्ट ग्रेजुएट के कोर्स है।
Published on:
15 Sept 2019 03:47 am
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