व्यापारियों का कहना है कि बाजार में उमड़ रही खरीदारी की भीड़ देखते दीपोत्सव पर कारोबार 10 करोड़ रुपए तक का पहुंचने की उम्मीद है। पिछले वर्ष मिठाई का कारोबार पांच करोड़ रुपए हुआ था। कारोबारी मानते हैं कि कोरोना के दो साल बाद दिवाली को लेकर लोगों में उत्साह को देखते पिछली बार से दोगुनी मिठाई बिकने की आस है।
अनुमान के अनुसार जिले भर में करीब तीन हजार हलवाइयों की दुकानें हैं। शहर के चार दर्जन बड़े मिठाई विक्रेताओं के गोदाम से लेकर दुकान तक दिन-रात मिठाई बनाई जा रही है। भीलवाड़ा की मशहूर बालूशाही, काजू कतली, बादाम कतली, ड्राईफ्रूट मिठाई, बेसन की चक्की, सोनपपड़ी की मांग ज्यादा रहती है। असल में ये मिठाइयां एक सप्ताह तक चल सकती और खराब नहीं होती।