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भीलवाड़ा ।
आषाढ़ कृष्ण अमावस्या रविवार को खंडग्रास सूर्यग्रहण है। सूर्यग्रहण के एक दिन पहले शनिवार रात १०.१७ बजे से सूतक लग गया, जो रविवार दोपहर १.४७ बजे तक रहेगा। सूतक व ग्रहण के दौरान मंदिरों में पूजा व आरती नहीं होगी। खाद्य सामग्री सुरक्षित रखने के लिए डाब डाली जाएगा ताकि ग्रहण का प्रभाव नहीं पड़े।
पंडित अशोक व्यास ने बताया कि रविवार सुबह १0. १७ बजे ग्रहण शुरू होगा। दोपहर 1.47 बजे मोक्ष के साथ संपन्न होगा। यह ग्रहण मिथुन राशि व मृगशिरा तथा आद्र्रा नक्षत्र में है। मिथुन राशि व मृगशिरा तथा आद्र्रा नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्तियों के लिए कष्टदायक होगा। मेष, सिंह, कन्या व मकर राशि वालों के लिए शुभ है। सूर्यग्रहण से प्रजा में रोग कम होने व अधिक बारिश होने के आसार हैं।
कब होता है सूर्य ग्रहण
सूर्यग्रहण में चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी एक सीध में होते हैं। चंद्रमा सूर्य के प्रकाश को पृथ्वी पर आने से रोक देता है। सूर्यग्रहण अमावस्या के दिन होता है। रविवार को सूर्य कर्क रेखा के ऊपर होगा। इसी दिन उत्तरी गोलार्ध में साल का सबसे बड़ा दिन होगा। इससे पहले 2001 में 21 जून को सूर्यग्रहण हुआ था।
Published on:
20 Jun 2020 09:28 pm
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