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न्यास के बड़े प्रोजेक्ट का सर्वे करने जयपुर से आई टीम

नगर विकास न्यास के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की डीपीआर के लिए पीडीकोर की टीम गुरुवार को भीलवाड़ा पहुंची। राहुल शुक्ला व विनोद शर्मा की टीम ने न्यास अधिकारियों के साथ आधा दर्जन प्रोजेक्ट का मौके पर जाकर निरीक्षण किया।
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भीलवाड़ा

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Suresh Jain

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Updated: 24 Mar 2023, 10:50 AM IST

न्यास के बड़े प्रोजेक्ट का सर्वे करने जयपुर से आई टीम

न्यास के बड़े प्रोजेक्ट का सर्वे करने जयपुर से आई टीम

भीलवाड़ा . नगर विकास न्यास के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की डीपीआर के लिए पीडीकोर की टीम गुरुवार को भीलवाड़ा पहुंची। राहुल शुक्ला व विनोद शर्मा की टीम ने न्यास अधिकारियों के साथ आधा दर्जन प्रोजेक्ट का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। अधीक्षण अभियन्ता वीके सक्सेना, अधिशाषी अभियन्ता जगदीश पलसानिया, सहायक अभियन्ता अरविन्द व्यास साथ थे।


टीम ने प्रारंभिक सर्वे किया। अभियंताओं से चर्चा की। सक्सेना ने बताया कि प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स के फाइनेंशियल प्रपोजल, फीजिबिलिटी रिपोर्ट तथा बाद में डीपीआर पेश की जाएगी। बजट का प्रस्ताव देगी। इनमें साबुन मार्ग पर आरओबी, अजमेर पुलिया को चौड़ा करने, रोड़वेज बस स्टैंड का सौदर्यकरण एवं सुलभ शौचालय का निर्माण तथा सुखाडिया स्टेडियम में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स आदि प्रोजेक्ट शामिल हैं।
न्यास के बड़े प्रोजेक्ट
नाम: कोठारी रिवर फ्रंट सौंदर्यीकरण कार्य
कहां से कहां तक: जोधड़ास चौराहे पर हाईलेवल ब्रिज से सांगानेर रोड हाई लेवल ब्रिज तक एवं आरजिया कोटा बाईपास तक कोठारी नदी के किनारे
लंबाई: 13 किलोमीटर दोनों ओर
अनुमानित लागत: 88 करोड़ रुपए
डीपीआर के लिए: 50 लाख व्यय होंगे
नाम: रामधाम चौराहे से सर्किट हाउस तक एलिवेटेड रोड का निर्माण
कहां: चित्तौड़ रोड प्रगति पथ पर
लंबाई: 2 किलोमीटर
चौड़ाई: 17 मीटर
क्यों जरूरी: अत्यधिक यातायात दबाव रहता। कई बार जाम लगता। इस रोड पर तीन रेलवे अंडरब्रिज होने से हमेशा यातायात अवरुद्ध रहता। आए दिन दुर्घटनाएं होतीं।
अनुमानित लागत: 60 करोड़ रुपए
डीपीआर के लिए: 30 लाख
नाम: एक और आरओबी निर्माण
कहां: डांगी फै€ट्री से साबुन मार्ग तक
लंबाई:750 मीटर
चौड़ाई: 9 मीटर
क्यों जरूरी: शहर के पूर्वी भाग से पश्चिमी भाग को मिलाने वाला अभी एक ही आरओबी है। बरसात में सारे अंडरपास में पानी भरने के कारण आने-जाने के लिए इकलौती अजमेर पुलिया ही है। यातायात जाम रहता। हादसे होते।
अनुमानित लागत: 50 करोड़ रुपए
डीपीआर के लिए: 15 लाख रुपए