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अस्पतालों में पहुंची टीमें, ऑक्सीजन के बारे में लिया फीडबैक

जांच अधिकारियों ने कहा- संकट में ऑक्सजीन बचाओ
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भीलवाड़ा

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Suresh Jain

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Updated: 26 Apr 2021, 10:03 AM IST

अस्पतालों में पहुंची टीमें, ऑक्सीजन के बारे में लिया फीडबैक

अस्पतालों में पहुंची टीमें, ऑक्सीजन के बारे में लिया फीडबैक

सुरेश जैन
भीलवाड़ा।
शहर के हर अस्पताल में अब ऑक्सीजन की कमी होने लगी है। इसके चलते अब नए मरीजों को भी भर्ती नहीं किया जा रहा है। ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए जिला प्रशासन ने इसके दुरूपयोग को रोकने की कवायद शुरू कर दी है। जिला प्रशासन निजी व सरकारी अस्पतालों में अपनी टीमें भेजकर जांच करवा रहा है कि किस अस्पताल में कितना ऑक्सीजन काम में लिया जा रहा है। दो दिन पहले तक जांच टीम दिन में एक बार अस्पतालों में जाती थी, लेकिन रविवार से ही अब हर तीन घंटे की रिपोर्ट ली जा रही है। जांच के दौरान कई जगह ऑक्सीजन का फिजूल उपयोग भी सामने आया। अधिकारी अस्पताल संचालकों से ऑक्सीजन का सही प्रबंधन करने की सलाह दे रहे है।
जिला कलक्टर शिव प्रसाद एम नकाते ने ऑक्सीजन के संकट को देखते हुए सभी अस्पतालों में अधिकारियों को लगाया है। निजी अस्पताल संचालकों ने अधिकारियों से ऑक्सीजन की कमी का मुद्दा रखा तो कलक्टर ने कहा कि ऑक्सीजन का जितना कोटा तय है उसके अनुसार सबको दे रहे है और आपात स्थिति में भी दे रहे है, लेकिन ऑक्सीजन के उपयोग पर भी पूरी निगरानी रखी जाए। नकाते ने कहा कि यह मुश्किल भरा वक्त है ऐसे में ऑक्सीजन व्यर्थ नहीं जाए सभी इस पर भी काम करें।
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ऑक्सीजन की आवश्कता नहीं
कुछ अस्पतालों में जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जिस मरीज को ऑक्सीजन की आवश्यकता नहीं है, उसे भी भर्ती कर रखा है। ऐसे तीन चिकित्सालय में ये चीजें सामने आई। इसके आधार पर दो निजी अस्पतालों को कोरोना का उपचार करने की दी गई अनुमति को ही निरस्त कर दिया है।
१४०० से १६०० सिलेण्डर की जरुरत
शहर के सरकारी व निजी अस्पतालों में करीब एक हजार कोरोना संक्रमित भर्ती है। इन्हें ऑक्सीजन देने के लिए प्रतिदिन १४०० से १६०० सिलेण्डर की आवश्यकता है। इसमें से १०० सिलेण्डर की पूर्ति एमजीएच में लगे ऑक्सीजन प्लांट से हो रही है। जबकि आजोलिया का खेड़ा से ५७०, सांवरिया गैस प्लांट से करीब ९०० ऑक्सीजन सिलेण्डर ही मिल रहे है।