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हमीरगढ़ की पहाड़ी पर दहशत: चामुंडा माता मंदिर परिसर में पैंथर का ‘पहरा’, सीसीटीवी में कैद हुई चहलकदमी

​- अलसुबह 6 बजे परिसर में घूमता दिखा लेपर्ड, श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता - पुजारी की अपील- रात और अलसुबह मंदिर आने से बचें श्रद्धालु

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A panther is 'guarding' the Hamirgarh Chamunda Mata temple complex.

A panther is 'guarding' the Hamirgarh Chamunda Mata temple complex.

भीलवाड़ा जिले के हमीरगढ़ क्षेत्र के ऐतिहासिक और आस्था के केंद्र चामुंडा माता मंदिर परिसर में पैंथर की दस्तक से हड़कंप मच गया है। शनिवार सुबह करीब 6 बजे जब मंदिर के पुजारी और वहां रह रहे लोगों ने पैंथर को परिसर में खुलेआम घूमते देखा, तो क्षेत्र में दहशत फैल गई। पैंथर की मौजूदगी की पुष्टि मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों से हुई है। इसके बाद से ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में डर का माहौल है।

सीसीटीवी में कैद हुई 'दहशत की तस्वीरें'

शनिवार अलसुबह जब मंदिर परिसर में सन्नाटा था, तब पैंथर को मुख्य परिसर में चहलकदमी करते देखा गया। पैंथर कुछ देर तक मंदिर के आसपास ही मंडराता रहा और फिर वापस पहाड़ी की झाड़ियों में ओझल हो गया। पैंथर के मूवमेंट का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसने प्रशासन की भी चिंता बढ़ा दी है।

​श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर संकट

हमीरगढ़ की पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर में पुजारी परिवार के साथ-साथ अन्य लोग भी निवास करते हैं। इसके अलावा प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहाड़ी पर चढ़ते हैं। पैंथर की बेखौफ मौजूदगी ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से मांग की है कि तत्काल टीम तैनात कर गश्त बढ़ाई जाए ताकि किसी भी अनहोनी को रोका जा सके।

​सावधानी ही बचाव: पुजारी की अपील

मंदिर के पुजारी सांवरमल माली ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि स्थिति सामान्य होने तक विशेष सतर्कता बरतें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु देर रात या अलसुबह अंधेरे में मंदिर आने-जाने से बचें और समूहों में ही चलें।

​वन विभाग का तर्क: 'यह उसका प्राकृतिक क्षेत्र'

घटना की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पदचिह्नों व फुटेज का मुआयना किया। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मंदिर परिसर पहाड़ी और वन क्षेत्र के भीतर स्थित है, इसलिए यहां लेपर्ड (पैंथर) का मूवमेंट सामान्य प्रक्रिया है। अधिकारियों के अनुसार अब तक पैंथर ने आबादी की ओर रुख नहीं किया है। हालांकि, यदि पैंथर गांव की तरफ बढ़ता है या हिंसक रुख अपनाता है, तो पिंजरा लगाकर उसे रेस्क्यू करने की कार्रवाई की जाएगी।

​ग्रामीणों की मांग

​मंदिर मार्ग पर सोलर लाइटें और पुख्ता की जाएं। ​वन विभाग की टीम 24 घंटे निगरानी रखे। ​पहाड़ी क्षेत्र के आसपास सुरक्षा दीवार या जाली को मजबूत किया जाए।