
Textile entrepreneurs will have to take this step, then they will get relief in bhilwara
भीलवाड़ा।
कोरोना संकट से जूझ रहे उद्यमियों को टेक्स का रिफंड मिल सकता है। यह आस गुजरात उच्च न्यायालय के एक फैसले से जगी है। हाल ही गुजरात के उद्यमियों ने रिफंड को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका लगाई थी। उस पर फैसला सुनाते हुए न्यायालय से सरकार ने सभी तरह के रिफंड देने के आदेश दिए है। भीलवाड़ा के उद्यमी भी न्यायालय में याचिका लगाने पर विचार कर रहे है।
सीएस गौरव दाधीच ने बताया कि यार्न पर १२ प्रतिशत एवं कपड़े पर ५ प्रतिशत जीएसटी होने से उद्यमियों को इन्वर्टेड ड्यूटी के तहत रिफंड मिलता है। रिफंड में विभिन्न प्रकार की सेवाओं प्रोफेशनल फीस, प्रमाणीकरण फीस, शीपमेन्ट एजेन्ट को चुकाई गई फीस, इसके अलावा सीए, ट्रांसपोर्ट समेत अन्य सर्विस पर रिफंड नहीं दिया जाता है।
साउथ गुजरात टेक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन (एसजीटीपीए) ने अन्य सर्विस पर एक्युम्युलेटेड क्रेडिट रिफंड के लिए गुजरात उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। न्यायालय ने एसजीटीपीए के पक्ष में फैसला सुनाया। कपड़ा उद्योग पर जीएसटी के विभिन्न टैक्स के कारण इन्वर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर का नियम लागू होता है। कपड़े का उत्पादन करने से उसकी बिक्री करने वाले उद्योगपतियों को जीएसटी भरने पर रिफंड मिलता था। सीए, ट्रांसपोर्ट समेत अन्य सर्विस पर कोई रिफंड नहीं दिया जा रहा था। इसकी रकम भी बहुत बड़ी होती है।
दायर कर रहे याचिका
टेक्स रिफंड नहीं मिलने से उद्यमियों पर लाखों रुपए का भार पड़ रहा है। रिफंड के लिए गुजरात उच्च न्यायालय के फैसले का भी अध्ययन करके उसके आधार पर राजस्थान उच्च न्यायालय में याचिका लगाई जाएगी।
आरके जैन, महासचिव, मेवाड़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स
Published on:
27 Jul 2020 09:07 am
बड़ी खबरें
View Allभीलवाड़ा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
