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धनोप माता पर जो कारीगर चोरों का लाया, वो ही मर गया

फू लियाकलां थाना क्षेत्र के धनोप माता मंदिर में चोरी के आरोपितों सिरोही के पिंडवाडा थाना क्षेत्र के मालप निवासी मोतीराम गरासिया,लालाराम गरासिया व अशोककुमार गरासिया को दबोचने के लिए पुलिस ने १० दिन तक इलाके के 150 सीसी कैमरे खंगाले। क्षेत्र के 15 टोल नाकों की जांच की। 20 हजार मोबाइलों के डेटा का विश्लेषण किया।
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भीलवाड़ा

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Narendra Kumar Verma

•

Updated: 18 Dec 2020, 10:30 AM IST

The artisan thieves who brought Dhanop Mata died

The artisan thieves who brought Dhanop Mata died

भीलवाड़ा। फू लियाकलां थाना क्षेत्र के धनोप माता मंदिर में चोरी के आरोपितों सिरोही के पिंडवाडा थाना क्षेत्र के मालप निवासी मोतीराम गरासिया,लालाराम गरासिया व अशोककुमार गरासिया को दबोचने के लिए पुलिस ने १० दिन तक इलाके के 150 सीसी कैमरे खंगाले। क्षेत्र के 15 टोल नाकों की जांच की। 20 हजार मोबाइलों के डेटा का विश्लेषण किया।

एएसपी विमलसिंह नेहरा ने बताया कि प्रमुख शक्तिपीठ में चोरी से लोगों में रोष था। वे सोशल मीडिया व ज्ञापन के जरिये गुस्सा जता रहे थे। धनोप मंदिर में डेढ़ साल से निर्माण चल रहा था। सिरोही के पिंडवाड़ा के कारीगर नक्काशी के लिए बुलाए। कारीगर रमेश ने सिरोही पहुंच चोरी की वारदात के सरगना अशोक को बताया कि आस्था का प्रमुख केंद्र होने के कारण धनोप मंदिर में मोटा माल मिल सकता है। अशोक ने रैकी के लिए लालाराम गरासिया को धनोप भेजा।

कारीगर की दो दिन में मौत
पिकअप लेकर आरोपी 6 दिसम्बर की रात धनोप पहुंचे। अशोक व मोती मंदिर में घुसे जबकि लालाराम बाहर खड़ा हो गया। रमेश को पिकअप लेकर हाईवे पर भेज दिया। अशोक-मोती 40 किलो चांदी के गहने चुरा कट्टे में भर खेतों के रास्ते हाईवे पहुंचे, जहां पिकअप से सभी अपने गांव चले गए। वहां से अहमदाबाद में व्यापारी को चांदी बेची व पैसे बांट लिए। वारदात के दो दिन बाद बीमारी से रमेश की मौत हो गई।

धनोप के बाद पुणे में वारदात

धनोप मंदिर के बाद आरोपियों ने पुणे में मंदिर से लाखों के गहने चुराए। इस बीच भीलवाड़ा पुलिस ने क्षेत्र के सीसी फु टेज खंगाले। 15 टोल प्लाजा में घटना की रात की आवाजाही के सीसी फु टेज देखे। क्षेत्र के मोबाइल टावर से लोकेशन निकाली। बीस हजार मोबाइल खंगाले।

५० फोन नंबर पर फोकस
पुलिस ने २० हजार में ५० मोबाइल नंबरों पर फोकस किया। उस रात रमेश व साथियों का मोबाइल नंबर भी मिला। पुलिस ने वहां काम करने वाले २०० श्रमिकों से भी पूछताछ की। संदिग्ध नंबर हाथ आते ही पीछे लग गई। आरोपियों को पकड़ा व कड़ाई से पूछा तो चोरी कबूल कर ली।

श्रमिकों का लेते सहारा
आरोपी कई राज्यों में चोरी कर चुके हैं। निर्माण कार्य या निर्माण श्रमिकों के सहयोग से मंदिर की रैकी करते। फिर पिकअप या टैक्सी लेकर चोरी करने जाते। खुलासे के बाद एसपी ने अधिकारियों के साथ धनोप पहुंच माता के दर्शन किए। आरोपियों को पकडऩे वाली टीम में एएसपी विमलसिंह, फू लियाकलां थानाप्रभारी भागीरथसिंह, एएसआइ भीमराज, हैड कांस्टेबल सियाराम, सत्यनारायण, महेंद्रसिंह, कांस्टेबल प्रदीप, नौरतमल, नेतराम, भगवानसिंह, मनीषकुमार, त्रिषीकेश, हेमंत, बनवारीलाल तथा किशन गोपाल का सहयोग रहा।