
नगर परिषद एवं नगर विकास न्यास के बीच तालमेल की पटरी नहीं बैठने से बढ़ रही जन पीड़ा को दूर करने के लिए जिला प्रशासन अब सेतू बनेगा
भीलवाड़ा।
नगर परिषद एवं नगर विकास न्यास के बीच तालमेल की पटरी नहीं बैठने से बढ़ रही जन पीड़ा को दूर करने के लिए जिला प्रशासन अब सेतू बनेगा। कलक्टर मुक्तानंद अग्रवाल दोनों ही स्थानीय निकाय के प्रमुखों व अधिकारियों के साथ बैठककर शहर के विकास की कार्य योजना तैयार कराएंगे। शहर की अधिकांश कॉलोनियों का दायरा नगर विकास न्यास व नगर परिषद के मध्य सिमटा हुआ है, एेसे में दोनों निकाय के कर्मचारी आवंटन, नियमन, भूमि रूपांतरण,लीज मुक्ति समेत विभिन्न मामलों का समाधान अपने स्तर पर करने के बजाए एक दूसरे पर थोपते हुए जनता को ही भटका रहे है। राजस्थान पत्रिका ने समाचार अभियान 'जागो शहर की सरकार के तहत जनता की इस पीड़ा को उजागर किया। साथ ही ये खुलासा किया कि दोनों ही निकाय के बीच तालमेल नहीं होने और मिल बैठ कर बेहतर नियोजन के लिए चर्चा नहीं करने से ये स्थिति बनी हुई है।
सभापति-चेयरमैन बोले-विकास को तैयार
सभापति ललिता समदानी का कहना है कि शहर का विकास एवं जनता सर्वोपरि है, इसके लिए मिल बैठ कर कुछ नई कार्ययोजना बने तो शहर के लिए ये अच्छी बात होगी। वही न्यास अध्यक्ष गोपाल खण्डेलवाल का कहना है कि शहर के सुनियोजित विकास एवं लोगों की समस्या के समाधान के लिए न्यास सदैव तत्पर है, परिषद का सहयोग मिलेगा तो विकास कार्य को और गति मिलेगी।
प्रशासन की मध्यस्थता से होगी बैठक
समाचार अभियान 'जागो शहर की सरकार से प्रेरित हो कर दोनों निकाय प्रमुख और आला अधिकारियों ने साथ बैठ कर शहर के विकास एवं जनसमस्याओं के समाधान के लिए कार्ययोजना तैयार की।। अग्रवाल की अध्यक्षता में ये अहम बैठक मई के प्रथम सप्ताह में होगी। इसमें नगर परिषद सभापति ललिता समदानी, न्यास अध्यक्ष गोपाल खण्डेलवाल के साथ ही आला अधिकारी मौजूद रहेंगे।
Published on:
30 Apr 2018 02:38 pm
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