
The color of frozen dandiya on Gujarati song in bhilwara
भीलवाड़ा।
शहर व जिले में नवरात्र के अवसर पर गुजराती गीतों पर गरबा-डांडिया की रंगत जमने लगी है। शहर की हर कॉलोनी में गरबा के लिए पांडाल सजे हुए हैं। गली-मोहल्लों में बच्चे टोलियों में गरबा कर रहे हैं। रात दस बजे तक चलने वाले कार्यक्रम में महिलाए, युवतियां, युवक डांडिया लेकर पहुंच रहे हैं।
उमड़ रहे लोग
बाबा धाम में प्रतिदिन आरती के बाद 9.15 बजे यज्ञ शाला में हवन पूजन व आहुतियां दी जा रही हैं। मध्यप्रदेश से आए विद्युत साज कारीगरों ने पूरा मंदिर को जगमग किया है। शाम को आरती के बाद लाइट डेकोरेशन को देखने प्रतिदिन बड़ी संख्या में शहरवासी आ रहे हैं। महा आरती के बाद गरबा के लिए अलग अलग ग्रुप में आयोजन हो रहा है। इसमें हिस्सा लेने शहर के हर कौने से युवक-युवतियां व महिलाएं आ रही हैं।
800 ने लिया पौधारोपण का संकल्प
कांचीपुरम सोसायटी में आयोजित गरबा महोत्सव में महिलाओं व युवतियां डांडिया खेलने के लिए उमड़ रही हैं। सोसायटी के सैक्रेट्री पवन सिंघवी ने बताया कि गरबा महोत्सव के दौरान 800 लोगों ने एक साथ पौधारोपण करने तथा पौधों की रक्षा का संकल्प लिया। इस दौरान यूआइटी अध्यक्ष गोपाल खंडेलवाल, कांचीपुरम अध्यक्ष महावीरसिंह चौधरी, उपाध्यक्ष अभय चपलोत, कोषाध्यक्ष दीपक झंवर, मार्गदर्शक, ओम चीपड़, विनोद सिंघवी, कार्यक्रम संयोजक हरि अग्रवाल, अशोक भलावत, विनय मंूदड़ा आदि उपस्थित थे। सुभाषनगर माहेश्वरी युवा संगठन की ओर से १३ व १४ अक्टूबर को श्रीजी वाटिका में गरबा डांडिया का आयोजन होगा।
Published on:
12 Oct 2018 09:21 pm
