
सुरक्षा के लिए लगी लोहे की जालियों को परिषद ने अतिक्रमण मानते हुए हटाया
भीलवाड़ा।
गांधीनगर स्थित कांचीपुरम व पाश्र्वनाथ सोसायटी के बीच सुरक्षा के लिए चार जगह लगाई गई लोहे की जालियों को वैध अतिक्रमण मानते हुए नगर परिषद ने उसे हटा दिया। कांचीपुरम के लोगों ने कार्रवाई के खिलाफ नगर परिषद में विरोध प्रदर्शन किया। बाद में नगर परिषद आयुक्त को ज्ञापन देकर जालिया लौटाने की मांग की है।
कांचीपुरम वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष भूपेंद्र मोगरा, सचिव संजय हुरकट व कोषाध्यक्ष अंकुर गर्ग के नेतृत्व में आयुक्त दुर्गा कुमारी को ज्ञापन दिया गया। उनका कहना थाकांचीपुरम में सुरक्षा के लिए चार गेट लगाए गए हैं। मेन गेट पर फाटक लगा होने के साथ ही चौकीदार तैनात है। अन्य गेट शुरूआत से ही बंद है। आसपास की कॉलोनियों के लोग इन गेट को जबरन खुलवाना चाह रहे हैं। इस संबंध में एक मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है, जिसकी सुनवाई २४ सितम्बर को है। इसमें जिला प्रशासन व यूआईटी भी पार्टी है। लेकिन इससे पहले ही परिषद ने किसी नेता के दबाव में आकर सुरक्षा के लिए लगी जालियों की ही हटा दिया। बुधवार दोपहर नगर परिषद के कर्मचारी ट्रैक्टर व जाप्ता लेकर कॉलोनी में आए। बिना किसी को सूचना दिए कालोनी के सुरक्षा गेट को तोड़ दिया, जबकि इस मामले में नगर परिषद का कोई लेनादेना नहीं है। इस पूरे मामले को नगर विकास न्यास देख रही है।
नगर परिषद की इस कार्रवाई से सोसायटी में रहने वाली महिलाओं एवं बच्चों में भय व्याप्त है। सोसायटी के लोगों ने परिषद से मांग की है कि अनाधिकृत रूप से गेट तोडऩे वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करें और उनके सुरक्षा गेट वापस लौटाएं। इस बात को लेकर लोगों व आयुक्त के बीच लम्बी बहस भी हुई। बाद में आयुक्त ने लोहे के गेट लौटा दिए।
कॉलोनी में पहुंची पुलिस
कालोनी निवासी पवन सिंघवी ने बताया कि नगर परिषद से लोहे के गेट लेकर जब कांचीपुरम पहुंचे तो वहां पहले ही प्रतापनगर थाना पुलिस तैनात थी। पुलिस ने पुन: गेट लगाने से मना कर दिया। पुलिस का मानना है कि गेट लगाए जाते है तो कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है। इसे लेकर चारों गेट पर पुलिस तैनात कर दी गई है।
Published on:
23 Sept 2021 10:00 pm
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