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हथियार बनाने वाले देश नहीं चाहते कि देश व दुनिया में शांति रहे

- प्रख्यात हास्य कवि सुरेन्द्र शर्मा से बातचीत

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The countries which manufacture weapons do not want peace in the country and the world

The countries which manufacture weapons do not want peace in the country and the world

जो देश हथियार बनाने का काम करते हैं। वह कभी नहीं चाहते की देश व दुनिया में शांति रहे। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी नहीं चाहते की भारत व पाक के बीच संबंध अच्छे हों। उनकी मंशा यही होगी कि वो लड़ते रहें और उनके हथियार बिकते रहें। यह बात प्रख्यात हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा ने पत्रिका से बातचीत में कही। शर्मा रविवार को नगर माहेश्वरी सभा के तत्वावधान में रामेश्वरम में हास्य हंगामा कार्यक्रम भाग लेने आए थे। शर्मा से बातचीत के अंश।

सवाल: ऑपरेशन सिंदूर से बदला पूरा हुआ? इसके लिए किसे जिम्मेदार मानते है?

जवाब: पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए 26 लोगों को अभी तक न्याय नहीं मिला है। ऑपरेशन सिंदूर में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया और पाक को भी सबक सिखाया। लेकिन पुलवामा के बाद पहलगाम आतंकी हमला हमारी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। केन्द्र सरकार ने किसी जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। अगर यहां स्थिति मजबूत होती तो ऑपरेशन सिंदूर की आवश्यकता नहीं पड़ती।

सवाल: कश्मीर के प्रति लोगों का रुख कमजोर हुआ?

जवाब: इस समय गर्मी का सीजन है। आतंकी हमले से लोग डरे। पर्यटक कश्मीर का रुख नहीं करना चाहते हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों को रोजगार मुहैया नहीं हो पा रहा। रोजगार नहीं मिलने पर यहां के लोग रास्ता बदल सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई के साथ सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना होगा।

सवाल: कवि सम्मेलन के प्रति लोगों को मोह भंग हो रहा है?

जवाब: मीडिया अगर खराब कविता के बारे में कुछ लिखना शुरू कर दे तो लोगों को अच्छी कविता सुनने के लिए सम्मेलनों में आना शुरू कर देंगे। कवि सम्मेलन के प्रति लोगों का रुझान कम नहीं हुआ है।

सवाल: हास्य कविता का दौर कम होता जा रहा है?

जवाब: हास्य कविता को लोग इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि यह उन्हें तनावमुक्त करती है और हंसने का मौका देती है। यह कविता हमें अपने जीवन के विभिन्न पहलुओं पर एक अलग नजरिया प्रदान करती है।