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युवा संसद में गूंजा आपातकाल का मुद्दा, सांसद अग्रवाल बोले- ‘विकसित भारत के सारथी हैं युवा’

राष्ट्र निर्माण और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रविवार को एमएलवी कॉलेज में जिला स्तरीय विकसित भारत युवा संसद 2026 का आयोजन किया गया। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय और राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस युवा संसद में जिले भर के युवाओं ने आपातकाल […]

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The issue of Emergency resonated in the Youth Parliament

The issue of Emergency resonated in the Youth Parliament

  • आपातकाल के 50 वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक' विषय पर 27 युवाओं ने रखे विचार
  • एमएलवी कॉलेज में जिला स्तरीय 'विकसित भारत युवा संसद-2026' का आयोजन

राष्ट्र निर्माण और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रविवार को एमएलवी कॉलेज में जिला स्तरीय विकसित भारत युवा संसद 2026 का आयोजन किया गया। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय और राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस युवा संसद में जिले भर के युवाओं ने आपातकाल के 50 वर्ष भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक विषय पर प्रखरता से अपने विचार रखे और लोकतांत्रिक मूल्यों पर मंथन किया।

युवा ही राष्ट्र की ऊर्जा, तय करेंगे दिशा

कार्यक्रम में सांसद दामोदर अग्रवाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा ही राष्ट्र की वास्तविक ऊर्जा हैं। शिक्षा, नवाचार, लोकतांत्रिक सहभागिता और सामाजिक जिम्मेदारी के जरिए वे विकसित भारत के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। सांसद ने संविधान और आपातकाल के विभिन्न प्रसंगों का जिक्र करते हुए विकसित भारत 2047 के विजन को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि 2047 का लक्ष्य समावेशी विकास, मजबूत लोकतंत्र, तकनीकी नवाचार और सामाजिक न्याय पर टिका है। युवाओं के नीति संवाद और नैतिक नेतृत्व से ही भारत वैश्विक पटल पर नेतृत्व की ओर अग्रसर होगा।

नेतृत्व क्षमता विकसित करने का मंच

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए एमएलवी कॉलेज की प्राचार्य प्रो. ममता चांवरिया ने कहा कि यह युवा संसद विद्यार्थियों को समसामयिक राष्ट्रीय विषयों पर संवाद, विचार-विमर्श और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान करती है। विशिष्ट अतिथि एवं जिला युवा अधिकारी जयेश मीना ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि भारत सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं में संवैधानिक समझ और राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरुकता बढ़ाना है।

27 प्रतिभागियों ने दिखाई प्रतिभा, ये रहे विजेता

कार्यक्रम समन्वयक प्रवीणकुमार टांक ने बताया कि इस जिला स्तरीय प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न महाविद्यालयों के 27 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। निर्णायक मंडल की ओर से विचारों के मूल्यांकन के बाद श्रेष्ठ पांच प्रतिभागियों का चयन किया गया। इनमें सलोनी चूण्डावत, पूजा रामवानी, खुशी, प्रियांशु व एक अन्य अव्वल रहे। प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका डॉ. अन्नु कपूर, जग जितेन्द्र सिंह, लव कुमार जोशी, छैल बिहारी जोशी और डॉ. मनुराज पुरोहित ने निभाई। अंत में एनएसएस जिला समन्वयक धर्मनारायण वैष्णव एवं कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुनील शर्मा ने सभी अतिथियों का आभार जताया। आयोजन में रोवर-रेन्जर्स, एनसीसी और एनएसएस के स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण सेवाएं दीं। इस अवसर पर राजकुमार लढा, काश्मीर भट्ट, कमोद सिंह मीना, धर्मेन्द्र चौधरी, प्रवीण कुमार जोशी, राजूराम घांसी, लक्ष्मण गुर्जर, मोहन लाल खटीक, नेहा आंचलिया उपस्थित रहे।