
The last Sawa will be on 4th July, then the wedding bells will ring in November
इस सीजन का आखिरी सावा चार जुलाई को आषाढ़ माह की भड़ल्या नवमी का रहेगा। इस दिन जिले में सैकड़ों शादियां होंगी। शादी को लेकर कपड़े, गहनों, वाहनों व बिजली के उपकरणों सहित शादी के सामानों की जमकर खरीदारी हो रही है। आखिरी सावे के लिए बैंड, डीजे, घोड़ी, वाहन, हलवाई, फोटोग्राफर आदि बुक हो चुके हैं। इसके बाद करीब चार माह शादियां नहीं होगी। फिर नवम्बर में देवउठनी एकादशी से शहनाई गूंजेगी।
पंडित अशोक व्यास ने बताया कि भड़ल्या नवमी तिथि को अबूझ मुहूर्त माना जाता है। यह तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है। जिन लोगों का विवाह का मुहूर्त नहीं निकलता, उनका विवाह इस तिथि में किया जाता सकता है। देवशयनी एकादशी को भगवान विष्णु क्षीर सागर में योग मुद्रा में चले जाते हैं। देवशयनी एकादशी से चातुर्मास प्रारंभ हो जाता है, उसके बाद चार महीनों के लिए सभी शुभ कार्य रुक जाते हैं। ऐसी मान्यता है इस दिन खरीदारी और नए कार्य की शुरुआत करने से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और घर में सुख शांति और समृद्धि का आगमन होता है।
बाजार होगा गुलजार, खूब होगी बिक्री
आषाढ़ शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को शास्त्रों में अबूझ और स्वयं सिद्ध मुहूर्त की संज्ञा दी गई है। इस समय में अपने इष्टदेव की पूजा कर कोई भी शुभ कार्य कर सकते हैं। इसी दिन आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्र की नवमी तिथि भी है। इस तिथि पर वाहन खरीदना, नए घर में प्रवेश, नवीन गृहारंभ, व्यापार आरंभ, आभूषण खरीद आदि शुभ कार्य करना अच्छा रहता है। व्यापारियों ने भडल्या नवमी पर ग्राहकों के लिए छूट सहित अनेक स्कीम शुरू कर दी है।
आखा तीज जैसा महत्व
अशोक व्यास ने बताया कि आखा तीज की तरह भडल्या नवमी भी स्वयं सिद्ध मुहूर्त है। इस बार यह शुक्रवार के दिन है। ऐसे में यह और विशेष हो गई है। इस बार भडल्या नवमी को शिव योग व रवि योग रहेगा।
Published on:
26 Jun 2025 08:48 am
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