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जिसने बांध ली आध्यात्म, त्याग ओर मंत्रों की राखी उसका जीवन संवर गया

आध्यात्मिक राखी सूत्र, त्याग की राखी ओर मंत्रों की राखी की वेलकम एंट्री हुई तो पांडाल जयकारों से गूंज उठा

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The one who tied the rakhi of spirituality, sacrifice and mantras, his life improved

The one who tied the rakhi of spirituality, sacrifice and mantras, his life improved

साध्वी डॉ. कुमुदलता के सान्निध्य में सुभाषनगर श्रीसंघ के तत्वावधान में दिवाकर कमला दरबार में रविवार को भाई-बहन के पारस्परिक स्नेह का अद्भुत नजारा था। साध्वी मण्डल के सान्निध्य में तैयार आध्यात्मिक राखी सूत्र, त्याग की राखी ओर मंत्रों की राखी की वेलकम एंट्री हुई तो पांडाल जयकारों से गूंज उठा। कार्यक्रम के लिए पांडाल में 270 चौकी लगाई गई थी। प्रत्येक चौकी पर भाई-बहन के जोड़े थे। इन चौकियों पर करीब एक हजार भाई-बहन बैठे हुए थे। साध्वी मण्डल ने मंत्रोच्चार के साथ भाई-बहन को पारस्परिक एक-दूसरे की रक्षा की शपथ दिलाई। मंत्रोच्चार के साथ भाई-बहनों ने एक-दूसरे को रक्षा सूत्र बांधे। मंच संचालन कर रहे चातुर्मास समिति के सचिव राजेन्द्र सुराणा ने ‘‘फूलों का तारों का सबका कहना है,एक हजारों में मेरी बहना है’’गीत गाया तो सैकड़ो बहन-भाई साथ में सुर मिला उठे ओर माहौल स्नेह ओर वात्सल्य से परिपूर्ण हो गया।

इस दौरान साध्वी कुमुदलता ने कहा कि जीवन में रक्षा बंधन का विशेष महत्व होता है और यह पर्व भाई-बहन के स्नेह के साथ उन्हें अपने कर्तव्य का भी स्मरण कराता है। जीवन में जिसने आध्यात्म,त्याग ओर मंत्रों की शक्ति पहचानते हुए राखी के रूप में उन्हें बांध लिया उसके जीवन में मुक्ति की राह खुल जाती है। धर्मसभा में साध्वी पद्मकीर्ति व राजकीर्ति का भी सान्निध्य प्राप्त हुआ।

देशभक्ति गीत प्रतियोगिता

स्वाधीनता दिवस की पूर्व संध्या पर 14 अगस्त को दोपहर 1:30 बजे से देशभक्ति गीत/कविता प्रतियोगिता होगी। ये प्रतियोगिता तीन आयु वर्ग 7 से 12, 13 से 21 एवं 22 वर्ष एवं अधिक उम्र वर्ग में होगी। कृष्ण जन्मोत्सव पर 16 अगस्त को बच्चों के लिए विशेष आयोजन होगा