
The revised policy will give new impetus to Bhilwara's textile industries
राजस्थान सरकार की ओर से जारी राजस्थान टेक्सटाइल एवं अपैरल पॉलिसी-2025 में किए गए नवीन संशोधनों ने भीलवाड़ा के टेक्सटाइल उद्योग को नई उड़ान देने का रास्ता खोल दिया है। अब सोलर व रिन्यूएबल पाॅवर प्लांट में किया गया निवेश भी एलिजिबल फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट में गिना जाएगा, जिससे उद्योगों को प्रोत्साहन अनुदान की श्रेणी में बड़ा लाभ मिलेगा।
ऐसे मिलेगा दोहरा लाभ
जयपुर के सीए पवन लाखोटिया ने बताया कि यदि किसी टेक्सटाइल उद्योग ने 900 करोड़ रुपए का निवेश किया है, तो पहले उसे लार्ज श्रेणी में 17 प्रतिशत तक का अनुदान मिलता था। लेकिन अब यदि उसने 300 करोड़ का सोलर प्लांट जोड़ा है तो कुल निवेश 1,200 करोड़ हो जाएगा। इससे वह अल्ट्रा लार्ज श्रेणी में आ जाएगा और 23 प्रतिशत अनुदान के योग्य हो जाएगा।
125 प्रतिशत तक लाभ संभव
सीए विष्णु गोयल ने बताया कि राज्य सरकार की योजनाओं के तहत यदि सही ढंग से दस्तावेज तैयार कर लाभ लिए जाएं तो उद्योगों को 125 प्रतिशत तक प्रोत्साहन लाभ मिल सकते हैं। उन्होंने उद्योगपतियों को सलाह दी कि कृषि भूमि खरीदने से पूर्व उसकी ड्यू डिलिजेंस अवश्य कराएं, ताकि भू उपयोग परिवर्तन में कोई बाधा न आए।
कार्यशाला का आयोजन
इस संदर्भ में मेवाड़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री व कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। नागौरी गार्डन स्थित चैंबर भवन में शानिवार को आयोजित की कार्यशाला में चैंबर अध्यक्ष डीपी मंगल ने अतिथियों का स्वागत किया व महासचिव आरके जैन ने कार्यक्रम संचालन किया। इस दौरान उद्योगपति जेसी लढ्ढा, जीसी जैन, जेके. बागडोदिया, सुमित जागेटिया, वरुण लढ्ढा, पुष्पेंद्र बेसवाल, पी माहेश्वरी, सुधीर गर्ग, गणेश सहल और जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक केके. मीणा सहित कई उद्यमी उपस्थित रहे।
पात्रता की प्रमुख बातें
एमएसएमई को विशेष प्रोत्साहन
Updated on:
27 Jul 2025 09:12 am
Published on:
27 Jul 2025 09:12 am
