
नोटबंदी ने महिलाओं की बचत पर बहुत असर डाला है। इसका उदाहरण यहां देखने को मिला, जब गुरलां के बैंक में अपनी दादी की ओर से बचत किए गए वर्ष 1974 के नोट लेकर पहुंचे एक व्यक्ति को बैंक ने नोट जमा करने से मना कर दिया।
दरअसल लावड़ा का खेड़ा के बासा देवचन्द गुर्जर की पत्नी की कुछ दिन पहले मृत्यु हो गई थी। उसने मौत से पहले कुछ सामान उन्हें सौंपा था। देवचंद को उस सामान में से 1974 के नोट मिले। वह अपने पोते सरवन गुर्जर के साथ उन्हें जमा कराने बैंक पहुंचे।
लेकिन बैंककर्मियों ने उन्हें बताया कि ये नोट बहुत समय पहले सरकार ने बन्द कर दिए थे। सरवन ने बताया कि दादी ने ये नोट छिपाकर रखे थे। उनकी मृत्यु के बाद अब दादाजी के हाथ नोट लगे तो वे बैंक में जमा कराने आए लेकिन जमा नहीं हो पाए।
Published on:
08 Dec 2016 02:27 pm
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