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खीर की परंपरा ने बढ़ाई दूध की खपत, श्राद्ध का आज अंतिम दिन पर डिमांड ज्यादा

- श्राद्ध पक्ष में 1.75 लाख से बढ़कर 2 लाख लीटर तक पहुंची आवक - उपभोक्ताओं पर 2 रुपए प्रति लीटर का अतिरिक्त बोझ

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The tradition of Kheer has increased the consumption of milk, today is the last day of Shraddha, demand is high.

The tradition of Kheer has increased the consumption of milk, today is the last day of Shraddha, demand is high.

श्राद्ध पक्ष में खीर बनाने की परंपरा ने सरस डेयरी समेत निजी डेयरियों में दूध की खपत और आवक दोनों को बढ़ा दिया है। भीलवाड़ा दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ सरस डेयरी में जहां श्राद्ध से पहले तक प्रतिदिन 1.75 लाख लीटर दूध की आवक हो रही थी, वहीं अब यह बढ़कर 2 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंच गई है। मांग बढ़ने से निजी डेयरियों और खुले दूध की बिक्री में भी उछाल आया है।

22 हजार लीटर दूध जा रहा राजसमंद

कुल 2 लाख लीटर में से प्रतिदिन 22 हजार लीटर दूध राजसमंद भेजा जा रहा है। रविवार को श्राद्ध पक्ष का अंतिम दिन होने से अमावस्या पर हर घर में खीर का भोग लगाया जाएगा। इससे शनिवार को दूध की डिमांड ज्यादा हो गई। दुग्ध संघ ने दूध उत्पादकों की आय बढ़ाने के लिए दूध खरीद दरों में बदलाव किया है। वहीं आम उपभोक्ताओं को पहली बार दूध पर 2 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी झेलनी पड़ रही है।

पॉली पैक में सप्लाई

डेयरी प्लांट में जिले की सहकारी समितियों व बीएमसी से दूध का संकलन कर गोल्ड, टोंड और डबल टोंड श्रेणी में पॉली पैकिंग कर बाजार में आपूर्ति की जा रही है। प्रबंध संचालक बिमल कुमार पाठक ने बताया कि श्राद्ध पक्ष में दूध के संकलन और खपत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। मांग के अनुरूप आपूर्ति दी जा रही है। आने वाले त्योहारी सीजन में दूध की खपत और बढ़ने की संभावना है।