नाटक Òएक फूल दो मालिकÓ आज से 300 साल पहले इतालवी नाटककार कार्ली गोल्दनी द्वारा असवेंट ऑफ द मास्टर्स के रूप में रचा गया। इसमें भूख के मारे एक नौजवान बहादुर की कहानी है जो दुगनी तनख्वाह और खाना पाने के लालच में 2-2 मालिकों की नौकरी कर लेता है। इसी दौरान बहादुर को चंपाकली मिल जाती है। उसकी कभी ना शांत होने वाली भूख का राज उसे पता चलता है जो भोजन नहीं वरन प्यार है। इस नाटक में गोल्टोनी ने तीन-तीन प्यार करने वाले जोड़ों को बड़ी खूबसूरती से कहानी के अंत में मिलाया है। इसकी परिस्थितजन्य कॉमेडी ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। आयाम संस्था की ओर से यह इसकी 5वीं प्रस्तुति है। कलाकार- प्रकाश दायमा, पल्लवी कटारिया, सक्षम तिवारी, विपुल बचिए, अपूर्वा जोशी, विक्रम सिंह मीणा, राहुल गांडवाल, अस्मितालले, विनोद सोनी, मंच पार्श्व- मेकअप रवि बांका, प्रकाश यशेष पटेल, संगीत सहायक अभिषेक शर्मा एवं संगीत राकेश दीक्षित।