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शिक्षा विभाग में लंबे समय से प्रतिनियुक्त शिक्षकों पर शिकंजा

- माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने मांगी तीन दिन में सूची, जिला अधिकारियों को निर्देश

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There is a crackdown on teachers deputed for a long time in the education department

There is a crackdown on teachers deputed for a long time in the education department

शिक्षा विभाग में लंबे समय से प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कर्मचारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजस्थान बीकानेर ने स्पष्ट निर्देश जारी किए कि शिक्षा विभाग के ऐसे सभी कर्मचारी जो कलक्टर कार्यालय, उपखंड अधिकारी कार्यालय या अन्य विभागों में प्रतिनियुक्ति अथवा कार्यव्यवस्थार्थ पर वर्षों से कार्यरत हैं, उनकी सूची तीन दिवस में अनिवार्य रूप से भेजी जाए।

शिक्षण कार्य प्रभावित, मुख्यालय ने जताई चिंता

जारी आदेश में बताया कि शिक्षकों व शिक्षा विभाग के कार्मिकों की प्रतिनियुक्तियों के कारण विभागीय कार्य खासकर शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। जिन कार्मिकों को अन्य कार्यालयों में लगाया है उनकी विस्तृत सूचना निर्धारित प्रारूप में शीघ्र भेजना अनिवार्य है।

प्रपत्र में मांगी गई जानकारी

निदेशालय ने साफ किया है कि कार्मिकों की सूची नाम, मूल पदस्थापन स्थान, प्रतिनियुक्ति का स्थान, कार्य प्रारंभ तिथि, आदेश जारी करने वाला अधिकारी व अन्य विवरण के साथ भेजी जाए। आदेश का पालन नहीं करने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

सख्ती के संकेत, वर्षों से जमे शिक्षक लौटाए जाएंगे

शिक्षा विभाग अब लंबे समय से प्रतिनियुक्ति पर जमे शिक्षकों को उनके मूल विद्यालयों में वापस भेजने की तैयारी में है। खासकर वे शिक्षक जो गैर-शैक्षणिक कार्यों जैसे मिड डे मील, सर्वे, प्रशासनिक कामकाज आदि में वर्षों से लगे हैं, उन्हें प्राथमिकता से वापस मूल विभाग में भेजा जाएगा।

डीईओ प्रारंभिक ने जारी किए थे प्रतिनियुक्ति आदेश

जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक मुख्यालय भीलवाड़ा रामेश्वर लाल बाल्दी ने 20 से अधिक कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति पर रखा है। हालांकि सीडीईओ अरूणा गारू का नोटिस मिलने के बाद सभी की प्रतिनियुक्ति निरस्त कर दी थी, लेकिन इस तरह के मामले कई सामने आने पर शिक्षा निदेशक ने सख्त कदम उठाए है