
There is a shortage of hatred, the existence of districts will be small
भीलवाड़ा। प्रदेश में राज्य सरकार के लिए कमाई के पूते बने राजस्थान आवासन मण्डल पर नफरी का संकट गहराने लगा है। नई भर्ती नहीं होने एवं अधिकारियों व कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति का दौर लगातार जारी रहने से राज्य सरकार ने प्रदेश में आवासन मण्डल के कई खंड कार्यालय का स्वरूप घटाने का निर्णय लिया है। ऐसे में कई चित्तौडग़ढ़ व डूंगरपुर समेत कई जिलों में अधिशासी अभियंता कार्यालय के स्थान पर अब सहायक अभियंता कार्यालय ही रह जाएंगे।
प्रदेश में राजस्थान आवासन मण्डल सालाना एक हजार करोड़ रुपए की कमाई आवास बेच कर कर रहा है। भीलवाड़ा जिले में भी यह कमाई एक करोड़ रुपए मासिक है। मण्डल अन्य स्रोतों से आंवटियों से अन्य राजस्व कमाई भी कर रहा है, इसके बावजूद मण्डल में नई स्थाई नियुक्ति नहीं हो सकी है। ऐसे में नई आवासीय परियोजनाओं की क्रियांवति व पुरानी आवासीय कॉलोनियों की देखभाल के बढ़ते जिम्मे से प्रदेश के अधिकांश जिलों में कर्मी कार्य के बोझ से दबा है।
बोर्ड बैठक में अहम् निर्णय
राजस्थान आवासन मण्डल की जयपुर में चार अगस्त को स्वायत्त शासन मंत्री शांतिलाल धारीवाल की मौजूदगी में बोर्ड बैठक हुई। इसमें नफरी के संकट की स्थिति से निपटने एवं आवासीय योजनाओं पर बेहतर क्रियांवित को लेकर कई निर्णय हुए। इसमें मुख्य निर्णय कई कॉलोनियों में संचालित मण्डल के अधिशासी अभियंता कार्यालयों का दर्जा घटा कर कार्यालय सहायक अभियंता करने का निर्णय लिया गया, यह बदलाव के निर्णय जल्द लागू होंगे। ऐसे में अब चित्तौडग़ढ़ जिला खंड कार्यालय के स्थान पर उपखंड हो जाएगा। यहां अधिशासी अभियंता कार्यालय के बजाय सहायक अभियंता कार्यालय रह जाएगा और चित्तौडग़ढ़ का संभाग मुख्यालय भीलवाड़ा हो जाएगा। ऐसी ही व्यवस्था प्रभावी होने पर उदयपुर समेत कई बड़े जिले में फिर से ग्यारह साल बाद पुरानी संभागीय मुख्यालय की व्यवस्था यानि कि वर्ष 2011 की स्थिति बेहाल हो जाएगी।
11 कॉलोनी, हजारों मकान
राजस्थान आवासन मण्डल ने जिले में तीन दशक के दौरान 11 आवासीय कॉलोनी बसाई है। इनमें शास्त्रीनगर व बापूनगर पुराना में ११८४, शास्त्रीनगर व बापूनगर विस्तार में १०४६, चन्द्रशेखर आजादनगर में २५८६, पटेलनगर सेक्टर ६ में ५५७, पटेलनगर विस्तार में ५१४, तिलकनगर सेक्टर ५ में ३०५, प्रियर्दशनी नगर में १०००, रीको चतुर्थ फेज में ५००, गुलाबपुरा मेंं ४९५ तथा रायला में ३०७ आवास बनाए है। इसी प्रकार शाहपुरा कस्बे में भी आवासन मण्डल नई कॉलोनी बसा रहा है।
चित्तौडग़ढ़ में पांच का स्टाफ
चित्तौडग़ढ़ खंड के अधीन अभी प्रतापगढ़, रावतभाटा, बड़ीसादड़ी व निम्बाहेड़ा में सहायक अभियंता कार्यालय है, जबकि मुख्यालय चित्तौडग़ढ़ अधिशासी अभियंता कार्यालय है। यहां भी अधिशासी अभियंता का पद रिक्त है। कुल स्टाफ पांच का है। यहां खंड के अधीन कुल आठ आवासीय कॉलोनी है।
२८ पद सृजित, सात कार्यरत
आवासन मण्डल की कॉलोनियों की बढ़ती संख्या एवं विस्तार के विपरीत आवासीय अभियंता भीलवाड़ा कार्यालय मण्डल का स्टाफ घटता जा रहा है। विभागीय आंकडे बताते है कि सरकार ने आवासीय अभियंता समेत कुल २८ पद सृजित है, लेकिन यहां अभी कुल सात का स्टाफ है। इनमें से भी 31 अगस्त को दो वरिष्ठ कर्मचारी सेवानिवृत्त हो जाएंगे। लेखा शाखा में छह पद सृजित है, लेकिन एक भी लेखा कर्मी नियुक्त नहीं है। यहां आवासीय अभियंता की नियुक्ति भी अस्थाई तौर पर अभी उदयपुर के अधिशासी अभियंता को लगा कर की गई है।
स्टाफ की कमी से बढ़ रहा काम का बोझा
आवासन मण्डल में नई नियुक्ति नहीं होने एवं कर्मचारियों के रिटायर्ड होने से कई अधिक पद खाली है। इससे आवासीय परियोजनाओं से जुड़ा कार्य प्रभावित हो रहा है। इस संदर्भ में शुक्रवार को जयपुर में आला अधिकारियों को ज्ञापन भी दिया है। आवासन मण्डल की बोर्ड मिटिग इसी माह जयपुर में हुई है और इसमें कई जिला खंडों का उपखंड में तब्दील करने का निर्णय हुआ है, हालांकि अभी इस संदर्भ में विभाीय आदेश जारी नहीं हुए है, लेकिन इस निर्णय से भी कई जिलों के संभाग मुख्यालय बनने से यहां पर नफरी के अभाव में कार्य प्रभावित होगा।
संजय झा, जिलाध्यक्ष एवं प्रांतीय प्रतिनिधि, राजस्थान आवासन बोर्ड कर्मचारी संघ
Published on:
28 Aug 2021 11:56 am
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